प्रतापगढ़ इंस्पेक्टर हत्याकांड: सीबीआई कोर्ट ने दोषी को सुनाई 10 साल की सजा
लखनऊ, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रतापगढ़ के चर्चित इंस्पेक्टर अनिल कुमार हत्याकांड में सीबीआई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी बोचा उर्फ राजू सोनी को 10 साल के कठोर कारावास और 9,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला सीबीआई मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने 23 अक्टूबर को सुनाया।
मामला 19 नवंबर 2015 का है, जब प्रतापगढ़ कोतवाली के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर अनिल कुमार की शहर के होटल वैष्णवी की मॉडल शॉप पर हत्या कर दी गई थी। जांच में यह मामला हत्या की बजाय गैर इरादतन हत्या का पाया गया।
इस मामले की जांच पहले कोतवाली सिटी थाना, प्रतापगढ़ में दर्ज थी। बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ के आदेश पर 29 जून 2018 को सीबीआई ने केस अपने हाथ में लिया।
विस्तृत जांच के बाद सीबीआई ने जिशान खान और बोचा उर्फ राजू सोनी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने 14 दिसंबर 2022 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।
मुकदमे के दौरान सह-आरोपी जिशान खान ने 4 अप्रैल 2026 को अदालत में लिखित रूप से अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। इसके बाद उसकी फाइल अलग कर दी गई थी।
सीबीआई कोर्ट ने 2 मई 2026 को जिशान खान को भी 10 साल की कैद और 9,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी।
लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद स्पेशल जज, सीबीआई कोर्ट, लखनऊ ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी बोचा उर्फ राजू सोनी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कारावास और 9,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
करीब 11 साल पुराने इस मामले में अब दोनों आरोपियों को अदालत से सजा मिल चुकी है। मामले की जांच सीबीआई ने की थी और अभियोजन पक्ष ने अदालत में आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए थे।
--आईएएनएस
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