प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से महिलाओं को राहत, धुएं से मुक्ति के साथ खाना बनाना हुआ आसान
जींद, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ग्रामीण और गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए राहत का माध्यम बनी है। इस योजना के जरिए महिलाओं को रसोई गैस की सुविधा मिलने से लकड़ियां और अन्य पारंपरिक ईंधन जुटाने की परेशानी कम हुई है। साथ ही, चूल्हे से निकलने वाले धुएं के कारण आंखों पर पड़ने वाले असर से भी राहत मिली है। जींद की महिलाओं ने योजना का लाभ मिलने पर सरकार के प्रति आभार जताया और इसे ग्रामीण महिलाओं के लिए सुविधाजनक पहल बताया।
महिलाओं ने बताया कि पहले खाना बनाने के लिए लकड़ियां जुटानी पड़ती थीं। कई बार उन्हें सिर पर ईंधन का बोझ लेकर घर लौटना पड़ता था। लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने में अधिक समय लगता था और धुएं के कारण आंखों में परेशानी भी होती थी। गैस सिलेंडर की सुविधा मिलने के बाद उनकी दिनचर्या आसान हुई है।
महिलाओं ने कहा कि रसोई गैस की सुविधा ने उनके रोजमर्रा के काम को आसान बनाया है। उज्ज्वला योजना से समय और मेहनत की बचत होने के साथ-साथ खाना बनाने का तरीका भी बदला है। जींद की महिलाओं ने इस योजना को ग्रामीण परिवारों के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि इससे उनके जीवन में सुविधाएं बढ़ी हैं।
बाला देवी ने बताया कि वर्ष 2016 से पहले महिलाओं को चूल्हे के लिए लकड़ियां लाने में काफी मेहनत करनी पड़ती थी। सिर पर लकड़ियों का बोझ उठाकर घर पहुंचना और फिर चूल्हे पर खाना बनाना रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था। चूल्हे से उठने वाले धुएं का असर आंखों पर भी पड़ता था। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से अब लकड़ियां जुटाने की जरूरत कम हो गई है। गैस पर खाना बनाने से धुएं की परेशानी से राहत मिली है और महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी अच्छा प्रभाव पड़ा है। उन्होंने योजना को ग्रामीण महिलाओं के लिए उपयोगी बताते हुए सरकार का धन्यवाद किया।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत सिलेंडर रियायती दर पर मिलता है और सब्सिडी की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाती है। इससे परिवारों को आर्थिक राहत मिलती है।
रीना रानी ने भी उज्ज्वला योजना की सराहना की। उन्होंने बताया कि पहले खाना बनाने में काफी समय लगता था, लेकिन अब गैस पर कुछ ही मिनटों में भोजन तैयार हो जाता है। गैस सिलेंडर मिलने से महिलाओं की यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई है।
रीना ने आगे कहा कि गैस पर खाना बनाने से समय की बचत होती है और आंखों को धुएं से होने वाली परेशानी भी कम हुई है। उन्होंने कहा कि योजना से महिलाओं को काफी सुविधा मिली है।
--आईएएनएस
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