प्रधानमंत्री की ओर से घोषित किए गए 1500 करोड़ की राशि का कर रहे इंतजारः सुखविंदर सिंह सुक्खू
दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीबीडब्ल्यूसी) की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए विभिन्न मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए घोषित की गई मदद राशि के जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, "सीबीडब्ल्यूसी हमारी सबसे बड़ी नीति-निर्धारक संस्था है। इस बैठक में राजनीतिक हालात, देश की स्थिति और कई अन्य मुद्दों पर चर्चा होती है। इस बैठक में शामिल होने के लिए यहां आया हूं।"
प्रदेश की विभिन्न समस्याओं को लेकर उन्होंने कहा, "इस बार हिमाचल प्रदेश में बारिश कम हुई है। जहां भी बारिश हुई है, वहां कुछ नुकसान हुआ है। हिमाचल में एक इलाका ऐसा है जहां सूखे जैसे हालात हैं, क्योंकि वहां लगभग न के बराबर बारिश हुई है। जब जलवायु परिवर्तन का असर होता है, तो उसका प्रभाव पड़ता ही है। हिमाचल प्रदेश हमेशा से आपदा-संवेदनशील इलाका रहा है और हमारी सरकार ने हमेशा मानसून के मौसम में आपदाओं से निपटने के लिए काम किया है। मानसून और आपदा के समय जो भी आवश्यकता है, सरकार इंतजाम करती है।"
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, "प्रधानमंत्री ने 1,500 करोड़ की मदद का ऐलान किया था और हम इस रकम के जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हमें 1,500 करोड़ मिल जाएंगे, जिससे प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में हमें बहुत मदद मिलेगी।"
वहीं, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "किन्नौर, ऊना, कांगड़ा, सोलन, हमीरपुर, चंबा और मंडी सहित प्रदेश के अनेक जिलों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन एवं संबंधित विभागों की टीमें अलर्ट पर हैं और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता एवं राहत कार्य सुनिश्चित किए जा रहे हैं। मेरा आग्रह है कि सभी लोग सतर्क रहें। मौसम विभाग एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अनावश्यक यात्रा से बचें। नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।"
--आईएएनएस
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