प्रभु श्री राम को लेकर फारूक अब्दुल्ला का बयान हिंदू आस्था पर प्रहार : भाजपा
श्रीनगर, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के एक वायरल वीडियो को लेकर जम्मू-कश्मीर में सियासत तेज हो गई है। भाजपा जम्मू-कश्मीर ने 'एक्स' पर पोस्ट कर उनके बयान को हिंदुओं की आस्था पर प्रहार बताया है।
जम्मू-कश्मीर भाजपा ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "फारूक अब्दुल्ला द्वारा प्रभु श्री राम पर की गई टिप्पणी अत्यंत अपमानजनक और निंदनीय है। यह हर हिंदू की आस्था पर प्रहार है और किसी भी सनातनी के लिए अस्वीकार्य है।"
भाजपा ने लिखा कि ये कैसी बात है? जब मामूली बातों पर एक खास विचारधारा के समर्थकों द्वारा खुलेआम 'सर तन से जुदा' के नारे बुलंद किए जाते हैं, तब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सारे ठेकेदार मौन साध लेते हैं। और आज उसी जमात से जुड़े एक वरिष्ठ नेता मंच से खड़े होकर करोड़ों हिंदुओं के आराध्य, हमारे प्रभु श्री राम पर ओछी टिप्पणी कर रहे हैं।
पार्टी ने सवाल उठाया, "क्या हिंदुओं की भावनाओं को अपमानित करना अब इतना आसान हो गया है? प्रभु राम को लेकर दिया गया बयान असहनीय है। अब सवाल उस सेक्युलर-लिबरल से है कि क्या इस पर भी आपकी जुबान खुलेगी, या इस हरकत का भी बचाव किया जाएगा?
दरअसल, जम्मू-कश्मीर भाजपा ने एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें फारूक अब्दुल्ला यह कहते नजर आ रहे हैं कि जब श्री राम अयोध्या घर वापस पहुंचे तो मां ने पूछा आपने रावण को मारा, तो भगवान राम का जवाब था- "मां मैंने राम को नहीं मारा, 'राम को 'मैं' ने मारा', उसके क्रोध ने मारा।"
बता दें कि फारूक अब्दुल्ला का यह वायरल वीडियो हालिया दशहरा कार्यक्रम का है। उस कार्यक्रम में वे रामायण का जिक्र करते हुए कह रहे थे कि मां, मैंने रावण को नहीं मारा, उसके क्रोध ने मारा। इस दौरान उन्होंने 'रावण को नहीं मारा' की जगह 'मैं ने राम को मारा' कह दिया था।
भाजपा ने इसे भगवान राम का अपमान बताया है। अब इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है।
--आईएएनएस
वीकेयू/एएस