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पावरप्ले में अधिक विकेट गंवाना और 20-30 अतिरिक्त रन देना भारत की हार की बड़ी वजह बना: साईराज बहुतुले

 

ऑकलैंड, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के स्पिन-बॉलिंग कोच साईराज बहुतुले ने कहा कि ईडन पार्क में चौथे टी20 मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ 87 रनों की हार का कारण लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआती विकेट गंवाना और गेंदबाजी में 20-30 अतिरिक्त रन देना रहा।

ग्लेन फिलिप्स ने 49 गेंदों पर 107 रन बनाए, जिसमें 10 छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी की मदद से न्यूजीलैंड ने 259/7 का रिकॉर्ड स्कोर खड़ा किया। माइकल ब्रेसवेल ने 25 गेंदों पर 65 रन बनाकर उनका बखूबी साथ दिया, जिसमें 6 छक्के शामिल थे। यह टी20 में भारत के खिलाफ सबसे बड़ा स्कोर भी रहा।

लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय पारी शुरुआत में ही लड़खड़ा गई। संजू सैमसन और ईशान किशन सस्ते में पवेलियन लौटे। जीत के लिए जरूरी रन-रेट 13 प्रति ओवर के आसपास था, लेकिन भारत लगातार विकेट गंवाता रहा और अंततः 172/9 के स्कोर ही बना सका। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए साईराज बहुतुले ने कहा, "आप कह सकते हैं कि हमें लय हासिल करने में संघर्ष करना पड़ा। जाहिर है कि ईडन पार्क अपने आकार के लिहाज से एक चुनौतीपूर्ण मैदान है, हालांकि मुझे लगता है कि हम पूरी तरह स्पष्ट थे कि हमें क्या करना है। हमें अपनी ताकतों का पता था और हम अपनी स्किल्स को उसी के अनुसार लागू करना चाहते थे लेकिन ऐसा हो नहीं सका।"

"मुझे लगता है कि लक्ष्य का पीछा करते हुए हमने पावरप्ले में ही बहुत सारे विकेट गंवा दिए। वैसे भी मैदान के आकार की वजह से यहां खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। इसके अलावा जब हम रात 8 बजे मैच शुरू करते हैं तो काफी ठंड होती है और हवा भी चल रही होती है।शायद हम लक्ष्य का पीछा करते समय बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे। गेंदबाजी में भी हमें इतने रन नहीं देने चाहिए थे। हम 20-30 रन कम दे सकते थे। मगर आज ऐसा नहीं हो पाया। उम्मीद है कि हम फिर से एकजुट होंगे और हैमिल्टन में अपनी अच्छी फॉर्म को जारी रखेंगे।"

उन्होंने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि पावरप्ले में भारत का चेज (लक्ष्य का पीछा करना) लड़खड़ा गया, जहां न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी की और जल्दी विकेट चटका दिए। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि पावरप्ले में विकेट गंवाना भारी पड़ा। जैसे ही आप दो विकेट खो देते हैं, आप अपने कुल स्कोर से लगभग 30 रन पीछे रह जाते हैं। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने सही जगहों पर अच्छी गेंदबाजी की। हमने पावरप्ले में ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की कोशिश की, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। अगर हम पावरप्ले के बाद भी बेहतर खेल पाते तो मुझे यकीन है कि हम लक्ष्य के और करीब पहुंच सकते थे, हालांकि फिर बात वही है -पावरप्ले में विकेट गंवाना ही सबसे बड़ी समस्या रही।"

बहुतुले ने बताया कि गेंदबाजी और बल्लेबाजी, दोनों ही विभागों में टीम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई, लेकिन बल्लेबाजी के नजरिए में कोई बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि गेंदबाजी और बल्लेबाजी, दोनों में ही सुधार की गुंजाइश थी। गेंदबाजी में हम कुछ रन कम दे सकते थे। बल्लेबाजी की बात करें तो अगर पावरप्ले में हमारे एक या दो विकेट ही गिरते, तो हम निश्चित रूप से लक्ष्य का पीछा कर सकते थे। हमारी बल्लेबाजी लाइन-अप और खिलाड़ियों की सोच ऐसी है कि हम हमेशा जीत के लिए ही खेलते हैं, हालांकि आज ऐसा नहीं हो पाया। मगर भविष्य में हम जरूर ऐसा कर दिखाएंगे। जैसा कि आप जानते हैं कि पावरप्ले बहुत अहम होता है। अगर लक्ष्य का पीछा करते हुए आपको शुरुआती छह ओवरों में अच्छी शुरुआत मिल जाए—मान लीजिए 80-90 रन बन जाएं—तो आप लक्ष्य के काफी करीब पहुंच सकते हैं। बस कुछ अच्छी साझेदारियों की जरूरत होती है।"

भारतीय कोच ने कहा, "अगर 7वें से 15वें ओवर के बीच यानी मिड-ओवर्स में कुछ अच्छी साझेदारियां हो जातीं, तो आखिरी पांच ओवरों में हम निश्चित रूप से लक्ष्य के और करीब पहुंच सकते थे। हमने पहले भी ऐसा करके दिखाया है। मगर मैंने जैसा कहा कि गेंदबाजी यूनिट की तरफ से 20-25 रन अतिरिक्त देना हमारे लिए बहुत अधिक हो गया।"

बहुतुले ने व्यस्त शेड्यूल के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि वनडे के लिए चुने गए खिलाड़ी- जैसे रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल, केएल राहुल और गुरनूर बरार-पहले ही ट्रेनिंग शुरू कर चुके हैं, जबकि टी20 टीम रविवार के मुकाबले के लिए हैमिल्टन जा रही है। कोच ने कहा, "मुझे लगता है कि हमारी प्लानिंग हमेशा तैयार रहती है और इस बार भी हमने पहले ही प्लानिंग कर ली है। इसी वजह से जो खिलाड़ी वनडे के लिए आए हैं। उन्होंने आज से ही अपनी तैयारी शुरू कर दी है।"

उन्होंने कहा, "कोचिंग स्टाफ कुछ समय तक यहीं रुकेगा और खिलाड़ियों की हरसंभव मदद करेगा। फिर, जब टीम हैमिल्टन से वापस आएगी तो वे भी उनके साथ जुड़ जाएंगे। जैसा कि आप जानते हैं, हमारा शेड्यूल काफी व्यस्त है। मगर सपोर्ट स्टाफ के हम सभी सदस्य किसी भी काम या मौके के लिए तैयार हैं, जहां हम खिलाड़ियों की मदद कर सकें। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे वनडे और टेस्ट मैचों के लिए पूरी तरह तैयार रहें। हम इसके लिए तैयार हैं।"

न्यूजीलैंड की अलग-अलग परिस्थितियों के बारे में बहुतुले ने कहा कि टीम ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया है और वे इसका डटकर सामना करने के लिए तैयार हैं। भारतीय कोच ने कहा, "यह अपने आप में एक चुनौती है, क्योंकि न्यूजीलैंड के कुछ मैदानों पर 'ड्रॉप-इन पिच' होती हैं, जो बहुत कम देखने को मिलती हैं। भारत में ऐसा नहीं होता है। यहां आने पर आपको काफी बदलाव देखने को मिलते हैं - जैसे उछाल (बाउंस) में अंतर, सीम मूवमेंट और ओस के कारण पिच पर गेंद का थोड़ा रुकना या नमी होना। इसी कारण शुरुआत में बल्लेबाजों के लिए कुछ चुनौतियां होती हैं।"

हालांकि हमने इसे एक सकारात्मक नजरिए से देखा है। हम जानते हैं कि यहां बाउंस और सीम मूवमेंट जैसी चीजें मिलेंगी। जिस तरह से हमने खेला और बल्लेबाजी की, उससे साफ है कि हम पूरी तरह तैयार थे। न्यूजीलैंड में यही चुनौती है और हमने इसे स्वीकार करने का फैसला किया है।

--आईएएनएस

एसएम/वीसी