ऊर्जा मंत्री के कार्यक्रम में फिर गुल हुई बिजली, फुटेज में जाने एक महीने में तीसरी घटना; बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल
राजस्थान में बिजली व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। राजधानी जयपुर के एक निजी होटल में आयोजित ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के कार्यक्रम के दौरान अचानक बिजली गुल हो गई। खास बात यह है कि पिछले एक महीने में ऊर्जा मंत्री और बिजली विभाग से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की यह तीसरी घटना है। इस बार जयपुर के एक निजी होटल में आयोजित राजस्थान सोलर एसोसिएशन की RE-BESS समिट की शुरुआत के दौरान अचानक बिजली चली गई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को कुछ देर तक असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि, बाद में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई और कार्यक्रम आगे बढ़ा।
एक महीने में तीसरी बार हुई ऐसी घटना
बिजली गुल होने की घटनाएं लगातार दोहराए जाने से बिजली व्यवस्था और बैकअप सिस्टम पर सवाल उठने लगे हैं।
- 11 जून को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी वाले कार्यक्रम के दौरान तीन बार बिजली चली गई थी।
- इसके बाद 19 जुलाई को कोटा में बिजली व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान भी अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी।
- अब RE-BESS समिट के उद्घाटन के समय बिजली गुल होने की घटना ने एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है।
बैकअप व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद सरकारी और निजी कार्यक्रमों में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता तथा बैकअप सिस्टम को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खासकर ऐसे कार्यक्रमों में, जहां ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री मौजूद हों, वहां बिजली बाधित होना चर्चा का विषय बन गया है।विशेषज्ञों का मानना है कि महत्वपूर्ण आयोजनों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मजबूत बैकअप व्यवस्था और तकनीकी निगरानी जरूरी है।
विपक्ष को मिला हमला बोलने का मौका
ऊर्जा विभाग से जुड़े कार्यक्रमों में बार-बार बिजली गुल होने की घटनाओं ने राजनीतिक चर्चाओं को भी हवा दे दी है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेर सकता है, जबकि आम लोगों के बीच भी बिजली व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।हालांकि, इस ताजा घटना को लेकर बिजली विभाग या आयोजन स्थल की ओर से अभी तक बिजली बाधित होने के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
जांच के बाद ही साफ होगी वजह
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बिजली कटौती तकनीकी खराबी, स्थानीय फॉल्ट या किसी अन्य कारण से हुई। संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही वास्तविक वजह सामने आएगी। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने यह जरूर संकेत दिया है कि महत्वपूर्ण आयोजनों में बिजली आपूर्ति और बैकअप सिस्टम को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।