पोस्ट ऑफिस धोखाधड़ी मामले में सीबीआई कोर्ट का फैसला, पूर्व सब पोस्ट मास्टर दोषी करार
अमरावती, 23 सितंबर (आईएएनएस)। विशाखापत्तनम की सीबीआई अदालत ने बुधवार को धोखाधड़ी के एक मामले में दमालापति वेणु गोपाल नायडू को दोषी ठहराया और सजा सुनाई। नायडू आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम डिवीजन के अमादलावलसा एचपीओ के अंतर्गत आने वाले कोत्तुरु सब पोस्ट ऑफिस में पूर्व सब पोस्ट मास्टर (लोअर सिलेक्शन ग्रेड) थे।
सीबीआई ने उन्हें पांच वर्ष की जेल और 7,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। सीबीआई ने कोत्तुरु, श्रीकाकुलम डिवीजन के सब-पोस्टमास्टर, आरोपी डी. वेणु गोपाल नायडू के खिलाफ 6 मार्च 2020 को यह मामला दर्ज किया था।
आरोप था कि 21 फरवरी 2019 से 24 अगस्त 2019 के दौरान आरोपी सब पोस्ट मास्टर डी. वेणु गोपाल नायडू ने बेईमानी और धोखाधड़ी से अपने अधिकार क्षेत्र के तहत सरकारी फंड से 47,95,000 रुपए निकाले और उनका गबन किया।
इस तरह उन्होंने आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, खातों में हेराफेरी और एक सरकारी कर्मचारी द्वारा सरकारी फंड का आपराधिक गबन जैसे अपराध किए। जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 31 दिसंबर 2020 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। वहीं, ट्रायल के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया और उसी के अनुसार सजा सुनाई।
अपराधियों के खिलाफ सीबीआई की ओर से कार्रवाई का एक दूसरा मामला मंगलवार को जयपुर से सामने आया, जहां बैंक फ्रॉड के एक मामले में जयपुर की सीबीआई कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई की। कोर्ट ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) के तीन लोक सेवकों को 7 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
सजा पाने वाले अधिकारियों में रामजी लाल मीणा (तत्कालीन ब्रांच मैनेजर), मुरारी लाल मीणा (तत्कालीन स्पेशल असिस्टेंट) और थान सिंह लश्कर (तपरासी कम हाउसकीपर) शामिल हैं। ये तीनों ओबीसी की श्योसिंहपुरा, लालसोट और दौसा ब्रांच में तैनात थे। कोर्ट ने तीनों पर 85,000-85,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
सीबीआई ने इस मामले में 1 फरवरी 2019 को केस दर्ज किया था। यह केस ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के तत्कालीन डिप्टी जनरल मैनेजर की शिकायत पर दर्ज हुआ था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मुरारी लाल मीणा ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने बेईमानी से बिना अधिकार के 'नो ड्यूज सर्टिफिकेट' जारी कर दिए। इससे बैंक में गिरवी रखी गई संपत्तियों को लोन बकाया होने के बावजूद रिलीज कर दिया गया। इस धोखाधड़ी के चलते बैंक को तीन लोन अकाउंट में कुल 12,14,660.71 रुपए का नुकसान हुआ।
--आईएएनएस
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