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पुंछ में बकरीद पर मौलाना की अपील, 'समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार के अभियान का साथ दें'

 

जम्मू, 27 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर में बुधवार को ईद-उल-अजहा का पर्व पूरे श्रद्धा, उल्लास और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर कश्मीर घाटी और जम्मू क्षेत्र की मस्जिदों, ईदगाहों और दरगाहों में बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर बकरीद की नमाज अदा की तथा देश एवं प्रदेश में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी।

श्रीनगर स्थित हजरतबल दरगाह में सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली, जहां 60 हजार से अधिक लोगों ने बकरीद की नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी और समाज में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।

वहीं, पुंछ जिले के मेंढर सब-डिवीजन में भी ईद-उल-अजहा के मौके पर विशेष नमाज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग नमाज में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान मौलाना ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया में ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया जा रहा है और पुंछ जिले में भी हजारों लोग इस पर्व को मनाने के लिए एकत्र हुए। उन्होंने कहा कि बकरीद केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह त्याग, भाईचारे और इंसानियत का संदेश भी देती है।

मौलाना ने अपने संबोधन में सरकार के नशा विरोधी अभियान का समर्थन करते हुए लोगों से समाज को नशे जैसी बुराई से मुक्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं और बच्चों को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर काम करना होगा।

हालांकि, इस बार भी श्रीनगर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद और ईदगाह में ईद की नमाज की अनुमति नहीं दी गई। इसे लेकर स्थानीय लोगों और मीरवाइज उमर फारूक ने नाराजगी जताई। जानकारी के अनुसार, मीरवाइज उमर फारूक को एहतियातन घर में नजरबंद भी रखा गया।

उधर, जम्मू शहर में भी ईद का त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। रेजिडेंसी रोड स्थित ईदगाह, मीका मस्जिद बठिंडी और जामिया मस्जिद तालाब खटीकन में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद पारंपरिक रूप से मवेशियों की कुर्बानी दी गई।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी