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दिल्ली में सियासी घमासान! ममता बनर्जी और पिनराई विजयन समेत कई नेता हिरासत में, ध्रुव राठी भी पुलिस की कार्रवाई के घेरे में

 

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर राजधानी दिल्ली में शनिवार को राजनीतिक तनाव बढ़ गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाने की मांग को लेकर बुलाए गए प्रदर्शन से पहले पुलिस ने कई नेताओं और समर्थकों को हिरासत में लिया। दिल्ली एयरपोर्ट पर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। वहीं, यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट है।

प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और मध्य दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई। पुलिस ने बैरिकेडिंग की और प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंच रहे लोगों को रोका। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की खबरें भी सामने आईं। हिरासत में लिए गए कई लोगों को छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया।

ममता बनर्जी और पिनराई विजयन समेत विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई

CJP के प्रदर्शन का असर विपक्षी दलों के नेताओं पर भी देखने को मिला। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन समेत कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली में हिरासत में लिया गया। CPI(M) के कई अन्य नेताओं को भी पुलिस ने प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ने के दौरान रोका।

इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं और उनके समर्थकों ने हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाए जाने की बात सामने आई है।

ध्यान दें कि अलग-अलग रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए नेताओं के नामों और संख्या में अंतर हो सकता है। माणिक सरकार की हिरासत की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है।

एयरपोर्ट पर ही हिरासत में लिए गए CJP के प्रमुख नेता

प्रदर्शन से पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट पर उनकी फ्लाइट के भीतर ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस घटनाक्रम से जुड़ा वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।

CJP का कहना है कि नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी ने पहले से रिकॉर्ड किया गया अभिजीत दीपके का वीडियो भी जारी किया, जिसमें उन्होंने अपनी गैरमौजूदगी में अजिंक्य शिंदे को आंदोलन की जिम्मेदारी सौंपने की बात कही।

ध्रुव राठी समेत समर्थकों को हिरासत में लेने की खबर

CJP के प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई। इसके अलावा, प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रहे कई समर्थकों को अलग-अलग स्थानों पर रोका गया।

कुछ रिपोर्टों में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, कुल कितने लोगों को हिरासत में लिया गया, इस पर अंतिम आधिकारिक आंकड़े की पुष्टि जरूरी है।

दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, मेट्रो और ट्रैफिक पर असर

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी थी। नई दिल्ली जिले में कई जगह बैरिकेडिंग की गई और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शन के मद्देनजर मेट्रो स्टेशनों पर भी प्रतिबंध लगाए जाने और कई मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की खबरें सामने आईं।

प्रशासन का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। दूसरी ओर, आंदोलन से जुड़े लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। इस बीच दिल्ली पहुंचने वाले यात्रियों को मेट्रो और ट्रैफिक से संबंधित ताजा अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

क्यों हो रहा है CJP का प्रदर्शन?

कॉकरोच जनता पार्टी ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर भी रोक लगाने की मांग कर रही है।आंदोलन से जुड़े नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने चाहिए और चुनाव आयोग को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। दूसरी ओर, मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया और विपक्ष के आरोपों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

अब आगे क्या होगा?

CJP के प्रमुख नेताओं की हिरासत के बावजूद पार्टी ने आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं। अजिंक्य शिंदे को जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद अब नजर इस बात पर है कि प्रदर्शनकारी आगे क्या कदम उठाते हैं और हिरासत में लिए गए नेताओं को कब रिहा किया जाता है।फिलहाल, हिरासत में लिए गए सभी लोगों की कुल संख्या, उनकी मौजूदा स्थिति और आगे की पुलिस कार्रवाई को लेकर आधिकारिक अपडेट का इंतजार है।