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दिल्ली की सड़कों पर सियासी संग्राम: SIR के विरोध में उतरा लेफ्ट, 22 दिन में 10000 प्रदर्शनकारियों और संगठनों ने खोली मोर्चाबंदी

 

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों से लोगों के मतदान के अधिकार पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अक्टूबर के दौरान दिल्ली में इस मुद्दे पर कई प्रदर्शन हुए। 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद अलग-अलग जगहों पर छात्र संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया। कुछ प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया।

प्रदर्शनकारी SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची की निष्पक्ष जांच और मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने चुनावी अनियमितताओं के आरोपों को खारिज किया है।SIR का मुद्दा अब राजनीतिक बहस के केंद्र में है। विपक्ष इसे मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा मामला बता रहा है, जबकि इस पर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच टकराव लगातार जारी है।