पीएमईजीपी योजना की मदद से युवाओं को रोजगार दे रहे सिराज अंसारी, सरकार का जताया आभार
शेखपुरा, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार के शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड के राकड़ गांव निवासी सिराज अंसारी आज के समय में गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुके हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना का लाभ उठाकर उन्होंने न सिर्फ खुद का मजबूत व्यवसाय खड़ा किया, बल्कि आठ स्थानीय युवाओं को भी रोजगार दिया है।
सिराज अंसारी ने आईएएनएस से बात करते हुए अपने संघर्ष भरे सफर के बारे में बताया। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे रोजगार की तलाश में बिहार से दिल्ली चले गए। वहां उन्होंने करीब 4 साल एक कंपनी में नौकरी की। कोरोना महामारी के दौरान नौकरी चली गई और उन्हें गांव लौटना पड़ा। गांव में नौकरी ढूंढने की कोशिश की तो कोई अच्छा अवसर नहीं मिला। परिवार की आर्थिक स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही थी।
आर्थिक तंगी में सिराज ने चेवाड़ा बाजार में छोटा-सा टेंट हाउस का काम शुरू किया। लेकिन कम आमदनी के कारण परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान उन्हें एक दोस्त ने पीएमईजीपी योजना के बारे में बताया। यह योजना उद्योग विभाग द्वारा चलाई जाती है, जिसमें नए उद्यम शुरू करने के लिए बैंक से लोन और सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है।
सिराज ने तुरंत उद्योग कार्यालय से संपर्क किया। उन्होंने अपनी पत्नी यास्मीन परवीन के नाम से योजना के तहत आवेदन किया। योजना के अंतर्गत उन्हें लगभग 10 लाख रुपए का लोन मिला, जिसमें 15 से 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी शामिल थी। इस आर्थिक मदद से उनका सपना साकार हुआ।
लोन और सब्सिडी की मदद से सिराज अंसारी ने शेखपुरा शहर के न्यू बस स्टैंड के पास एक बड़ा टेंट हाउस गोदाम स्थापित किया। शुरू में छोटे स्तर से शुरू किया गया यह काम आज काफी चल रहा है। अब वे न सिर्फ अपने परिवार का अच्छा भरण-पोषण कर रहे हैं, बल्कि 8 स्थानीय युवाओं को भी नियमित रोजगार दे रहे हैं।
सिराज अंसारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा, "पीएमईजीपी योजना युवाओं के लिए वरदान है। मैं खुद इस योजना का फायदा उठाकर आत्मनिर्भर बना।"
उन्होंने सभी युवाओं से अपील की कि वे इधर-उधर नौकरी की तलाश में समय बर्बाद करने के बजाय सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर खुद का छोटा व्यवसाय शुरू करें। इससे न सिर्फ खुद का भविष्य संवरता है, बल्कि दूसरों को भी रोजगार मिलता है।
--आईएएनएस
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