पीएम विश्वकर्मा योजनाः चमोली में अधिकारियों ने लाभार्थियों को मार्केटिंग और एआई की दी ट्रेनिंग
चमोली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तराखंड के चमोली के गोपेश्वर में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए ब्रांडिंग और मार्केटिंग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के विकास कार्यालय देहरादून की ओर से आयोजित कार्यशाला में जिलेभर से बड़ी संख्या में पंजीकृत विश्वकर्मा लाभार्थियों ने प्रतिभाग किया।
गोपेश्वर के गढ़वाल होटल में आयोजित कार्यशाला में विकास कार्यालय देहरादून के उप निदेशक एससी कांडपाल ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। देहरादून से पहुंचे अंकित द्विवेदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से व्यवसाय और मार्केटिंग को बढ़ावा देने के तरीकों पर प्रस्तुतीकरण दिया। वहीं, एसबीआई के गजेंद्र प्रसाद गैरोला ने वित्तीय साक्षरता और जिला उद्योग केंद्र की प्रबंधक अंजलि रमन ने विभागीय योजनाओं की जानकारी साझा की।
इंडिया पोस्ट के प्रबंधन से जुड़े संदीप जुयाल ने क्यूआर कोड जनरेशन की जानकारी दी जबकि प्रमुख उद्यमी गिरीश जोशी ने लाभार्थियों से उद्यमिता अपनाने और अपने उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
विकास कार्यालय के उपनिदेशक एसपी कांडपाल ने कहा, "प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में मार्केटिंग और आधुनिक तकनीक के बारे में प्रशिक्षण दे जा रहा है। इसमें एआई, क्यूआर कोड जनरेशन और बैंकों की स्कीम के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी गई। हमारा प्रयास काश्तकारों को उद्ममी बनाना है।"
उद्योग विभाग चमोली की महाप्रबंधक अंजली रमन ने कहा, "इच्छुक लोगों को पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकृत करना होगा। इस योजना में पंजीकृत कारीगर को ट्रेनिंग के साथ टूल किट और लोन भी उपलबध कराया जाता है।"
पीएम विश्वकर्मा की लाभार्थी नंदी राणा ने कहा, "मैंने दो साल पहले इस योजना के तहत ट्रेनिंग ली थी। पीएम विश्वकर्मा योजना बहुत अच्छी है, इससे लोगों को फायदा मिल रहा है। जितने लोगों ने प्रशिक्षण लिया है, उनको 15 हजार का टूल किट मिला है। इसके अलावा मानदेय भी मिला है। सिलाई का प्रशिक्षण अधिकतर लोगों को दिया गया था। प्रशिक्षण देने और लेने वालों को भी लाभ मिला है। अब हमे चिंता थी कि मार्केटिंग कैसे हो, इसका समाधान आज के कार्यशाला से होगा। कार्यशाला में बताया गया है कि ऑनलाइन अपने प्रोडक्ट बेच सकते हैं। अब मैं भी अपने प्रोडक्ट को ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिए बेचूंगी।"
कार्यक्रम के अंत में डीपीएमयू के सौरभ चंद्र सानू ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला का उद्देश्य पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों को ब्रांडिंग, मार्केटिंग, डिजिटल तकनीक और वित्तीय प्रबंधन की जानकारी देकर उनके कारोबार को मजबूत बनाना रहा।
--आईएएनएस
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