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पीएम मोदी-ट्रंप के बीच मुलाकात से भारत को लाभ नहीं, विपक्ष को तोड़ना भाजपा की रणनीति: तारिक अनवर

 

नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात, विपक्षी दलों में कथित टूट, एनडीए के विस्तार, बिहार कांग्रेस में संभावित संगठनात्मक बदलावों और देश में मुसलमानों की स्थिति जैसे कई राजनीतिक मुद्दों पर केंद्र सरकार और भाजपा पर जुबानी हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार विपक्ष को कमजोर करने और अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया मुलाकात पर तारिक अनवर ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत मित्रता की चर्चा पहले भी होती रही है, लेकिन उसका भारत को कोई विशेष लाभ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री कई बार ट्रंप को 'माई फ्रेंड ट्रंप' कहकर संबोधित कर चुके हैं और उनके साथ सार्वजनिक रूप से घनिष्ठता भी दिखाई है। लेकिन, ट्रंप ने कभी उस दोस्ती या संबंध का सम्मान नहीं किया। उन्होंने कई मौकों पर भारत को अपमानित करने और नीचा दिखाने की कोशिश की है। हमें नहीं लगता कि इस मुलाकात से भविष्य में भारत को कोई विशेष फायदा होने वाला है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील की चर्चाओं पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि इस समझौते में अमेरिका का हित ज्यादा दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ट्रेड डील जल्द हो जाए ताकि उसके उत्पाद और सामान भारतीय बाजार में अधिक मात्रा में बिक सकें। यह पूरी तरह उनके पक्ष में है। इसी वजह से वे लगातार इस दिशा में दबाव बनाते रहते हैं।

महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के भीतर कथित असंतोष और टूट की खबरों पर तारिक अनवर ने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को तोड़ने की राजनीति वर्ष 2014 से लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि जब से नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं और भाजपा की कमान उनके हाथ में आई है, तब से विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश लगातार हो रही है। महाराष्ट्र में पहले भी विपक्ष को तोड़कर सरकार बनाई गई। आज जो सरकार वहां चल रही है, वह उसी राजनीतिक प्रक्रिया का परिणाम है। आगे भी ऐसी कोशिशें जारी रहेंगी। पश्चिम बंगाल में भी इसी तरह की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और शिवसेना (यीबीटी) के सांसदों के एनडीए में शामिल होने की अटकलों पर तारिक अनवर ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य संसद में अपनी ताकत बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि एनडीए को मजबूत करने की कोशिश इसलिए की जा रही है ताकि उनकी संख्या दो-तिहाई के करीब पहुंच सके। इससे उन्हें किसी भी विधेयक, कानून या संवैधानिक संशोधन को पारित कराने में आसानी होगी। भाजपा चाहती है कि भविष्य में जो भी कानून या संशोधन वह लाना चाहे, उसे संख्या बल के आधार पर आसानी से पारित करा सके।

समाजवादी पार्टी को लेकर ओम प्रकाश राजभर की टिप्पणियों पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए सरकारी एजेंसियों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल भाजपा के बूते की बात नहीं है। इसमें ईडी जैसी एजेंसियों का भी इस्तेमाल किया जाता है। आज भी विपक्षी नेताओं के यहां छापेमारी हो रही है। हाल में पंजाब में भी ऐसे मामले देखने को मिले। सरकार की कोशिश रहती है कि लोगों को डराकर, धमकाकर या दबाव बनाकर अपने पक्ष में लाया जाए। उन्होंने आगे कहा कि अगले साल उत्तर प्रदेश में चुनाव होने हैं, इसलिए वहां भी तोड़फोड़ और राजनीतिक जोड़तोड़ की कोशिशें होंगी। लेकिन समाजवादी पार्टी के टूटने की बात सिर्फ लोगों को भ्रमित करने के लिए फैलाई जा रही है।

बिहार कांग्रेस में संभावित संगठनात्मक फेरबदल की चर्चाओं पर तारिक अनवर ने कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को ही लेना है। उन्होंने कहा कि इस समय कुछ भी स्पष्ट रूप से कहना मुश्किल है। सारी बातें कांग्रेस आलाकमान और राष्ट्रीय अध्यक्ष के संज्ञान में हैं। वही इस विषय पर उचित निर्णय लेंगे।

देश में मुसलमानों की सुरक्षा और सामाजिक स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' का नारा केवल एक राजनीतिक संदेश बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को खुलेआम डराने का माहौल बनाया जा रहा है। यह कोई छिपी हुई बात नहीं है। ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ सिर्फ एक नारा है, उसकी वास्तविकता दिखाई नहीं देती। सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की गंभीर कोशिश कभी नहीं की गई।

--आईएएनएस

पीएसके