174 जिंदगियां बचाने वाले पायलट से मिले PM मोदी; कैप्टन स्मित बोले- ईश्वर की बदौलत टला बड़ा हादसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से वीडियो कॉल पर करीब 9 मिनट तक बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी ने उनकी बहादुरी और सूझबूझ की तारीफ की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।पीएम मोदी ने कहा कि पूरा देश कैप्टन स्मित के लिए प्रार्थना कर रहा है और उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्मित के साहस और समझदारी ने विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने बताया कि मुश्किल हालात में वह अक्सर हनुमान चालीसा पढ़ते हैं और घटना के दौरान भी वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि भगवान ने ही उनकी जान बचाई।
कैसे बचाई 174 यात्रियों की जान?
पीएम मोदी ने जब घटना के बारे में पूछा तो स्मित ने बताया कि वह उस समय अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे। उन्हें गंभीर चोटें आई थीं और एक पल ऐसा लगा कि अगर तुरंत कुछ नहीं किया तो सब खत्म हो जाएगा।
स्मित ने बताया कि वह करीब 17 साल से विमान उड़ा रहे हैं और 11 साल से कैप्टन हैं। उन्हें विमान की स्थिति का अंदाजा था। जब विमान नीचे जा रहा था, तब उन्हें समझ आया कि यही आखिरी मौका है। इसके बाद उन्होंने विमान का दरवाजा खोल दिया।
PM से बात करते हुए भावुक हुए कैप्टन स्मित
प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि पीएम का फोन आना उनके लिए गर्व की बात है और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें प्रधानमंत्री से बात करने का मौका मिलेगा।
पीएम मोदी ने उनकी मां गीताबेन और पिता भूपेंद्रभाई की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि स्मित में मिले संस्कारों के लिए उनकी मां को प्रणाम करना चाहिए। पीएम ने उनकी पत्नी सोनलबेन के साहस का भी जिक्र किया और बताया कि उनसे बातचीत के दौरान वह काफी शांत और मजबूत नजर आईं।
UAE के अस्पताल में चल रहा इलाज
कैप्टन स्मित फिलहाल UAE के अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें सऊदी अरब से एयरलिफ्ट कर अबू धाबी लाया गया था। UAE में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल पहुंचकर स्मित और उनके परिवार से मुलाकात की थी। राजदूत के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है और वह तेजी से रिकवर कर रहे हैं।
नेतन्याहू और ट्रंप ने भी की तारीफ
कैप्टन स्मित की बहादुरी की चर्चा भारत के बाहर भी हुई है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें “सच्चा हीरो” बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनकी बहादुरी की सराहना की।
11 साल तक स्पाइसजेट में रहे
फ्लाईदुबई से पहले कैप्टन स्मित ने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम किया। इस दौरान उन्होंने 9,500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई जॉइन की थी और बोइंग 737 विमान उड़ाने का लंबा अनुभव रखते हैं।वहीं, इजराइल और गुजरात सरकार ने भी कैप्टन स्मित को सम्मानित करने का ऐलान किया है। गुजरात सरकार उन्हें ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करेगी।