×

पीएम मोदी की भावनाएं आहत, विपक्ष को नारी शक्ति के अपमान का जवाब देंगी महिलाएं: भाजपा

 

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल खारिज होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित नहीं हो पाया, जिसके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूं। इसके बाद भाजपा और सहयोगी दलों ने विपक्ष पर निशाना साधा।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि विपक्ष पूरी तरह बेनकाब हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को मिलने वाले अधिकार विपक्ष ने छीन लिए हैं। देश की जनता उन्हें जरूर सबक सिखाएगी। विजेंद्र गुप्ता ने कहा, "पीएम मोदी की भावनाएं आहत हैं, लेकिन वे अपने प्रयास नहीं छोड़ेंगे। देश की महिलाएं विपक्ष से अपना हिसाब जरूर लेंगी।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भावनाएं देश की महिलाओं के साथ हैं। मोदी सरकार ने महिलाओं को उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी बड़ी योजनाओं से जोड़ा। किसी भी सरकार ने महिलाओं के हक के लिए इतने प्रयास नहीं किए, जितने मोदी सरकार ने किए हैं। विपक्ष पीएम मोदी से हिसाब चुकता करने के चक्कर में महिलाओं को उनके हक से वंचित कर रहा है।

विजेंद्र गुप्ता की पत्नी और भाजपा नेता शोभा गुप्ता ने प्रधानमंत्री के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पीएम मोदी का संबोधन सुनकर ऐसा लगा जैसे कोई पिता अपनी बेटियों को हक नहीं मिलने पर हताश, निराश और आक्रोशित हो रहा हो, लेकिन अंत में उन्होंने दृढ़ता से कहा कि वह अपनी बेटी के सम्मान को कभी कमतर नहीं होने देंगे। शोभा गुप्ता ने कहा कि पीएम मोदी महिलाओं के सम्मान और अधिकार के लिए अटल हैं।

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बिल के पास न होने पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "यह विधेयक देश को गौरवान्वित करता। लोकतंत्र की धरती पर नारी शक्ति का सम्मान बढ़ता है, लेकिन कांग्रेस, राजद, सपा और कम्युनिस्टों ने लोगों को भ्रमित किया। मां-बेटी के अधिकार को खत्म करने का वातावरण बनाया है। यह नारी के प्रति अपराध है। ऐसी आपराधिक मानसिकता वाले लोगों को देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी और समय पर सबक सिखाएंगी।"

भाजपा बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन का स्वागत करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के प्रतिनिधित्व बढ़ाने और महिला आरक्षण की राह में आने वाली हर बाधा को दूर करने की प्रतिबद्धता दोहराई।"

मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति पूरी दुनिया जानती है। यदि कोई कार्य समाज और राष्ट्र के हित में है तो कोई ताकत उसे लंबे समय तक नहीं रोक सकती। महिला आरक्षण बिल को स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत किया गया था और प्रस्तावित संशोधनों से किसी क्षेत्र को कोई खतरा नहीं था।

उन्होंने आगे कहा, "यह विपक्ष के लिए बिल का समर्थन करने और अपनी चिंताएं दूर करने का अवसर था। गृह मंत्री अमित शाह ने यहां तक कहा कि अगर वे 33 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करना चाहते हैं तो सदन को एक घंटे के लिए स्थगित किया जा सकता है और सरकार 50 प्रतिशत आरक्षण का संशोधन लाने को तैयार है। फिर भी विपक्ष ने कोई जवाब नहीं दिया।"

दमोह से मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि कांग्रेस का चरित्र हमेशा स्वार्थी और परिवार हित की राजनीति वाला रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश है। भाजपा कभी निजी हितों को प्राथमिकता नहीं देती है।

हैदराबाद से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बड़े दुख के साथ राष्ट्र को संबोधित किया। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने महिला विधेयक को पास होने से रोका और इसे अपनी जीत मान रहे हैं, लेकिन वे भूल गए कि उन्होंने देश की 50 प्रतिशत आबादी के अधिकारों को कुचल दिया है।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी