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पीएम मोदी की अपील पर सीएम भजन लाल शर्मा ने काफिले में वाहनों की संख्या सीमित करने का दिया निर्देश

 

जयपुर, 12 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मोदी की देशवासियों से ईंधन की खपत कम करने की अपील के बाद अब राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बड़ा फैसला लिया है।

राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा ने काफिले में वाहनों की संख्या सीमित करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम रखने का निर्देश दिया है। साथ ही सीएम ने सुरक्षा के नाम पर अनावश्यक वाहनों का उपयोग न करने को कहा है।

उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के समस्त अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी अपने वाहनों में मितव्ययता बरतें। काफिले में कम से कम वाहनों का इस्तेमाल करें। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने ईंधन बचत पर जोर देते हुए पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए अनावश्यक वाहन प्रयोग न करने की अपील की।

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने मुख्य सचिव सहित सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए यह निर्देश जारी किया है।

वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री के आह्वान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने प्रदेशवासियों से कहा कि ईंधन की खपत कम करें और अनावश्यक सोने की खरीद न करें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को प्रदेश में व्यावहारिक रूप से अपनाए जाने की अपील की।

सीएम योगी ने मुख्य सचिव, डीजीपी, सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव की बैठक में निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री व मंत्रियों आदि की फ्लीट में तत्काल 50 प्रतिशत की कमी की जाए। काफिले से अनावश्यक वाहनों को हटाया जाए। उन्होंने प्रदेश में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को भी प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने पीएनजी, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों आदि के उपयोग पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री की सरकारी बैठकों, सेमिनारों, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप आदि के वर्चुअली आयोजन पर जोर रहा।

उन्होंने कहा कि दुनिया में उथल-पुथल है, ऐसे में सभी को सावधानी बरतनी होगी। पीएम मोदी के आह्वान का पालन करने के लिए राज्यों को तैयार रहना होगा। सीएम योगी ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक, और जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे आयोजित किया जाए। इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों समेत समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ें। औद्योगिक विकास विभाग व आईआईडीसी द्वारा औद्योगिक संस्थानों, बड़े स्टार्टअप्स आदि में वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रेरित किया जाए। वहीं, जहां बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की अनुशंसा के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए।

शिक्षा विभाग के सेमिनारों, बैठकों, वर्कशॉप समेत सरकारी बैठकों आदि का आयोजन वर्चुअली माध्यम से किया जाए। राज्य सचिवालय/निदेशालय की 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकें भी वर्चुअली की जाएं। स्कूल-कॉलेजों में स्कूली बस के प्रयोग को प्रोत्साहित करें। आवश्यकता पड़ने पर परिवहन निगम की बसों को भी स्कूलों से जोड़ा जाए। पीक ऑवर में ईंधन का उपयोग कम करने के लिए कार्यालय समय को अलग-अलग बैचों में बांटा जा सकता है।

--आईएएनएस

डीकेपी/