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प्रधानमंत्री मोदी का जीवन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा: स्वामी चिदानंद सरस्वती

 

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की जीवन यात्रा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि भारत के ऊर्जावान और तपस्वी प्रधानमंत्री मोदी की जीवन यात्रा, सेवा के 25 वर्षों का अभिनंदन है। राष्ट्र प्रथम के संकल्प को नमन है। भारत के उज्ज्वल भविष्य का अभिनंदन है। 'जनता ही मेरा परिवार है' जैसे भाव वाले महापुरुष के सार्वजनिक जीवन और सेवा के 25 वर्ष पूर्ण हुए हैं। इस अवसर पर ज्योति यात्रा के संकल्प का भी मैं अभिनंदन करता हूं। यह केवल 25 वर्षों का कालखंड नहीं है, बल्कि राष्ट्र सेवा, जनसेवा, संकल्प, साधना और समर्पण की ऐसी अद्भुत और अखंड यात्रा है, जिसे इतिहास स्वर्ण अक्षरों में लिखेगा। यह राष्ट्र निर्माण, भारत के पुनर्जागरण और देश के आत्मविश्वास के जागरण की यात्रा है।

उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में अनेक राष्ट्राध्यक्ष और प्रधानमंत्री हुए हैं। कुछ लोग केवल इतिहास का हिस्सा बनते हैं, जबकि कुछ लोग इतिहास रचते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ऐसे ही व्यक्तित्व हैं। प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन की यह यात्रा एक ऐसी परिवर्तनकारी गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी। कहां से शुरुआत की, कहां पहुंचे और कहां भारत को पहुंचाया। पीएम मोदी ने ऐसे काम किए कि पहचान बन गए। गुजरात से शुरू हुई प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा आज विकसित भारत के संकल्प से लेकर वैश्विक और विश्व कल्याण के संकल्प तक पहुंच गई है। इन 25 वर्षों में सेवा, सुशासन, संकल्प और राष्ट्र प्रथम की भावना ने करोड़ों भारतीयों के हृदय में एक नया आत्मविश्वास जगाया है। प्रधानमंत्री मोदी का हर कदम राष्ट्र के लिए, हर संकल्प भारत के लिए और हर उपलब्धि विश्व कल्याण के लिए है। भारत जैसे देश का प्रधानमंत्री होना आसान नहीं है और किसी भी निर्णय से पहले अनेक पहलुओं पर विचार करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि उन्होंने देशवासियों के अंदर यह विश्वास जगाया कि हम कर सकते हैं, हम बदलाव ला सकते हैं और हम विश्व का नेतृत्व कर सकते हैं। आज दुनिया भारत को भारत की दृष्टि, भारत की चेतना और भारत के अपने दृष्टिकोण से देख रही है। पिछले 25 वर्षों में देश ने विकास से लेकर विरासत तक अनेक महत्वपूर्ण बदलावों और निर्णयों को देखा है।

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में विज्ञान और आध्यात्मिकता, विकास और विरासत के साथ-साथ तकनीक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण पहल हुई हैं। अयोध्या में श्री राम मंदिर, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ कॉरिडोर, महाकाल, डिजिटल इंडिया, यूपीआई, जी-20 और ग्लोबल साउथ से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों, व्यापक चुनौतियों और विभिन्न आलोचनाओं के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए, जिनका देश की दिशा और दशा पर प्रभाव पड़ा। उन्होंने कच्छ के पुनर्निर्माण, नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक, अनुच्छेद 370 से जुड़ा निर्णय, तीन तलाक के खिलाफ कानून, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), नई शिक्षा नीति, आत्मनिर्भर भारत, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, राम मंदिर निर्माण, डिजिटल इंडिया, यूपीआई और जी-20 जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए इन्हें बदलते भारत की यात्रा के महत्वपूर्ण अध्याय बताया।

उन्होंने कहा कि दुनिया में कई युद्धों और चुनौतियों के बीच भारत ने विकास की अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया है। देशवासियों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि भारत केवल विकसित राष्ट्र बनने की क्षमता नहीं रखता, बल्कि विश्व को दिशा देने की भी क्षमता रखता है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सभ्यता, धार्मिक आस्था और धार्मिक पर्यटन को भी नए तरीके से आगे बढ़ाया है।

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पक्ष और विपक्ष से ऊपर उठकर सभी का सम्मान किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न दिए जाने का भी जिक्र किया। मां गंगा के पावन तट और परमार्थ निकेतन से उनकी मंगलकामना है कि भारत का वैभव और आत्मविश्वास बढ़े, भारत की संस्कृति से पूरा विश्व प्रकाशित हो और 2047 का विकसित भारत विश्व कल्याण का एक दिव्य संकल्प बने।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दीर्घायु हों, स्वस्थ रहें और उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए निरंतर ऊर्जा प्राप्त हो। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए भारत के उज्ज्वल भविष्य के महायज्ञ में सभी लोग सहभागी बनें और विकसित, आत्मनिर्भर, संस्कारित एवं विश्व कल्याणकारी भारत के संकल्प को मिलकर आगे बढ़ाएं।

--आईएएनएस

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