भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट में पीएम मोदी पहुंचे 'टीम यूरोप' पवेलियन, ईयू राजदूत ने जताई खुशी
नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी साझेदारी को और सुदृढ़ करने तथा नवीकरणीय ऊर्जा में नवाचार और नई तकनीकों को बढ़ावा देने पर बल दिया है। पीएम मोदी ने भारत मंडपम में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट का सोमवार को विधिवत उद्घाटन किया। पीएम टीम ईयू पवेलियन भी पहुंचे। यूरोपीय संघ के राजदूत जीन-एरिक पाक्वेट ने उनकी मौजूदगी को लेकर खुशी जताई और कहा कि भारत-ईयू स्वच्छ ऊर्जा एवं जलवायु साझेदारी इस दिशा में ठोस काम कर रही है।
जीन-एरिक पाक्वेट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक क्लिप, तस्वीरें पोस्ट की। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट के साथ साझेदारी करना खुशी की बात है।"
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस विचार का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और साहसिक विचारों की जरूरत पर जोर दिया है। राजदूत ने कहा, "भारत और यूरोपीय संघ की स्वच्छ ऊर्जा एवं जलवायु साझेदारी इसी दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी का टीम यूरोप पवेलियन पहुंचना हमारे लिए सम्मान की बात रही।"
भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो का आयोजन 2 से 5 नवंबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया गया है। इसमें दुनिया के विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियां, निवेशक और तकनीकी विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। समिट का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, तकनीकी नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच स्वच्छ ऊर्जा एवं जलवायु साझेदारी की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी। इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, स्मार्ट ग्रिड, हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जा रहा है।
यूरोपीय संघ के साथ भारत की यह साझेदारी इसलिए भी अहम है, क्योंकि देश अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। वहीं, यूरोपीय संघ के लिए भारत नवीकरणीय ऊर्जा के बड़े बाजार और स्वच्छ ऊर्जा तकनीक में सहयोग के महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में उभरा है।
दोनों पक्षों का सहयोग आने वाले समय में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, तकनीकी आदान-प्रदान और जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने के प्रयासों को नई दिशा दे सकता है।
--आईएएनएस
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