पीएम के इंडोनेशिया दौरे से क्रिटिकल मिनरल्स और ऊर्जा साझेदारी को मिलेगी मजबूती : नवीन चंद्र लाल
नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। पीएम इंडोनेशिया से इंडो-पैसिफिक मिशन की शुरुआत करेंगे। इस दौरे को भारत-इंडोनेशिया संबंधों, खासकर ऊर्जा और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग को नई गति देने वाला माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह यात्रा इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर हो रही है। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी इंडोनेशिया में भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे।
इंडोनेशिया जकर्ता में बिहार कम्युनिटी प्रेसिडेंट तथा पीटी एएमएमएएन मिनिरल इंटरनेशनल डायरेक्टर नवीन चंद्र लाल ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि हम प्रधानमंत्री मोदी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हम उनके पिछले दौरे पर भी उनका स्वागत करने गए थे। अब एक बार फिर से उनके स्वागत के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि भारत और इंडोनेशिया के बीच रिश्ते बहुत अच्छे हैं। दोनों देशों के बीच एनर्जी सेक्टर में काफी ज्यादा सहयोग है। दोनों देशों के बीच सामान और रिसोर्स का काफी लेनदेन होता है। जैसे, कोयला माइनिंग में काफी काम होता है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा निकेल, कॉपर और अन्य क्रिटिकल मिनरल के मामले में दोनों देश मिलकर काफी काम कर सकते हैं। आज के दौर में भारत को क्रिटिकल मिनरल की जरूरत है और इंडोनेशिया एक पार्टनर की तरह सहयोग कर सकता है। जैसा कि सभी जानते ही हैं इंडोनेशिया में निकेल का काफी भंडार है, जिसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी में बड़े पैमाने पर होता है।
वहीं, शिव दवे का कहना है कि जब से प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश की कमान संभाली है तब से देश की गरिमा काफी ऊपर पर उठी है। उससे पहले की बात करें तो देश की छवि काफी धूमिल थी। पीएम ने जिस तरह से देश की छवि को उबारा है। जिस तरह से कोविड की क्राइसिस को भारत ने संभाला वह इंडोनिशिया के साथ-साथ बाकी देशों के लिए भी बहुत बड़ी सीख रही।
दवे ने बताया कि भारत और इंडोनेशिया धीरे-धीरे काफी करीब आए हैं। इसके पीछे ट्रेड तो मुख्य वजह है ही, साथ ही साथ स्ट्रैटिजिक रिलेशन भी बहुत बड़ा कारण है। आज दोनों देशों के बीच मिलिट्री और एक्सपोर्ट्स के डिस्कशन हो रहे हैं। ऑफ-रोड माइनिंग इक्विपमेंट में बातें आगे बढ़ी हैं।
उन्होंने बताया कि इंडोनेशिया लंबे समय से भारत को कोयला और पाम ऑयल सप्लाई करता रहा है। वहीं भारत की तरफ से कई स्ट्रैटिजिक चीजों का निर्यात होता है। व्यापार का अपना एक रिश्ता है जो कई वर्षों से हमारे बीच बना हुआ है।
--आईएएनएस
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