पिनाका और हिमार्स की गूंज, भारत-अमेरिका की संयुक्त मारक क्षमता का प्रदर्शन
नई दिल्ली, 24 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और अमेरिका की सेनाओं ने संयुक्त मारक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है। यहां गुरुवार को दोनों देशों के संयुक्त ‘युद्ध अभ्यास 2026’ में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और 10वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल विक्रांत सुरेश देशपांडे मौजूद रहे।
इन्होंने भारतीय और अमेरिकी सैनिकों की संयुक्त फायरिंग डेमोंस्ट्रेशन देखी। दोनों सेनाओं की तोपखाना, रॉकेट, हेलीकॉप्टर, वायु रक्षा और निगरानी क्षमताएं एक साथ नजर आईं। वहीं अब भारतीय वायुसेना का ‘तरंग शक्ति 2026’ अभ्यास भी शुरू होने जा रहा है। ‘तरंग शक्ति 2026’ में अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं। यह वायुसेना का बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है।
इस बीच, महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में गुरुवार को फायरिंग प्रदर्शन के दौरान भारतीय सेना की पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर और धनुष आर्टिलरी सिस्टम ने हिस्सा लिया। इसके साथ ही एएच-64ई अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर, एल70 वायु रक्षा गन और स्वाति वेपन लोकेटिंग रडार भी इस अभ्यास का हिस्सा रहे।
अमेरिकी सेना ने हिमार्स और एम-लिड्स जैसी प्रणालियों के साथ अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के चुनौतीपूर्ण मैदानी वातावरण में हुए इस प्रदर्शन ने दिखाया कि दोनों सेनाएं अलग-अलग हथियार प्रणालियों और क्षमताओं को एक साझा प्रशिक्षण गतिविधि में किस तरह समन्वित कर सकती हैं।
फायरिंग के दौरान तोपखाने, रॉकेट, लड़ाकू हेलीकॉप्टर, वायु रक्षा और निगरानी प्रणालियों के बीच तालमेल पर विशेष जोर रहा। इस संयुक्त प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन करना नहीं था। इसके जरिए दोनों सेनाओं ने जटिल सैन्य गतिविधियों की संयुक्त योजना बनाने, उन्हें समन्वित करने और प्रभावी ढंग से अंजाम देने की क्षमता को भी मजबूत किया। इससे दोनों सेनाओं के बीच संचालनात्मक तालमेल, पेशेवर भरोसा और आपसी विश्वास बढ़ाने में मदद मिलती है।
‘युद्ध अभ्यास 2026’ भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य सहयोग को आगे बढ़ा रहा है। नियमित संयुक्त प्रशिक्षण के जरिए दोनों सेनाओं को एक-दूसरे की प्रणालियों, प्रक्रियाओं और सामरिक तरीकों को समझने का अवसर मिलता है।
महाजन में हुआ यह फायरिंग प्रदर्शन इसी सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जिसमें दोनों देशों की सेनाओं ने जटिल युद्धक्षेत्र में साथ मिलकर काम करने की अपनी क्षमता को प्रदर्शित किया।
इससे पहले अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर गुरुवार को जानकारी साझा करते हुए बताया था कि वह ‘युद्ध अभ्यास 2026’ के लिए यहां महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पहुंचे हैं।
सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हो रहा, ‘युद्ध अभ्यास 2026’ भारत के सबसे बड़े द्विपक्षीय रक्षा अभ्यास में से है। उन्होंने कहा था कि वह भारतीय और अमेरिकी सैनिकों को एक साथ प्रशिक्षण करते हुए देखने के लिए उत्सुक हैं। ‘युद्ध अभ्यास 2026’ में भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के जवान कई तरह के संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं।
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में दोनों देशों के सैनिकों ने विभिन्न हथियार प्रणालियों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण किया है। अभ्यास में युद्ध के दौरान एक-दूसरे के साथ तालमेल, फायरिंग और मैदानी अभियानों से जुड़ी क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
सर्जियो गोर का महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पहुंचना भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके दौरे से दोनों देशों के सैनिकों के बीच चल रहे संयुक्त प्रशिक्षण और रक्षा साझेदारी को नजदीक से देखने का अवसर मिला।
--आईएएनएस
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