पिछली सरकारों में बिकती थीं नौकरियां, अब योग्यता के आधार पर हो रही भर्तियां: मनोज पांडे
लखनऊ, 22 सितंबर (आईएएनएस)। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के पीडीए श्रेणी के अधिकारियों को हटाए जाने के आरोप पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की जैसी दृष्टि होती है, उसे वैसा ही दिखाई देता है। पिछली सरकारों में सरकारी नौकरियों में अनियमितताओं और भाई-भतीजावाद का आरोप लगाते हुए मनोज पांडे ने कहा कि मौजूदा सरकार में भर्ती प्रक्रिया योग्यता और निष्पक्षता के आधार पर आगे बढ़ रही है।
मंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में ऐसे युवाओं को भी सरकारी नौकरी मिल रही है, जिन्होंने कभी इसकी कल्पना नहीं की थी। पिछड़े, कमजोर और वंचित वर्गों के युवाओं को भी भर्ती प्रक्रिया में अवसर मिल रहा है और चयन का आधार जाति नहीं, बल्कि योग्यता है। अखिलेश यादव के पीडीए से जुड़े आरोपों पर मनोज पांडे ने रामचरितमानस की एक कहावत का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति की दृष्टि जैसी होती है, उसे चीजें उसी तरह दिखाई देती हैं।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में पुलिस भर्ती, सहकारिता, लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग में नौकरियों को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। उन्होंने लखनऊ के हजरतगंज और लालबाग का उल्लेख करते हुए दावा किया कि सरकारी नौकरियों के नाम पर लेन-देन की बातें सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा थीं। इन घटनाओं से जुड़े पुराने समाचारों और मीडिया रिपोर्टों को देखा जा सकता है।
मनोज पांडे ने कहा कि आज भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया जा रहा है और इसी वजह से समाज के विभिन्न वर्गों के युवाओं को सरकारी नौकरी के अवसर मिल रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज पुलिस भर्ती समेत सरकारी नियुक्तियों में योग्यता को आधार बनाया जा रहा है। पिछली व्यवस्था में जाति और प्रभाव के आधार पर अवसर मिलने के आरोप लगते थे, जबकि मौजूदा सरकार में ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने विभिन्न पिछड़ी और वंचित जातियों का नाम लेते हुए कहा कि आज इन वर्गों के युवा भी भर्ती प्रक्रिया में आगे आ रहे हैं। किसी भी गांव या जाति का ऐसा नहीं होना चाहिए जिसे भर्ती प्रक्रिया में अवसर न मिले। भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में अपनों को रेवड़ी बांटने की राजनीति नहीं चलेगी। सरकारी नौकरी में कुशलता, योग्यता और निष्पक्षता को प्राथमिकता दी जा रही है।
मंत्री ने दावा किया कि योगी सरकार के कार्यकाल में दो लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई है। उन्होंने कहा कि इन भर्तियों को लेकर व्यापक स्तर पर सवाल नहीं उठाए गए और विभिन्न सामाजिक वर्गों के युवाओं को इसमें अवसर मिला। भर्ती प्रक्रिया में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी ने पैसे की मांग की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले व्यक्ति को कानून का सामना करना पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उत्तर प्रदेश के युवाओं की नौकरी न बिके और न ही उनके भविष्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ हो।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा नियुक्ति पत्र बांटने और नौकरी मिलने के बाद पैसे के लेनदेन को लेकर दिए गए निर्देशों का भी मनोज पांडे ने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि नियुक्ति के बाद यदि किसी स्तर पर पैसे के लेनदेन की बात सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी और उसे जेल जाना पड़ सकता है। मैंने नियुक्ति पाने वाले कई युवाओं से मुलाकात की है और उनके चेहरे पर खुशी देखी है। युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता और न्याय की बात कही है। न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि लोगों को यह भी दिखाई देना चाहिए कि न्याय हुआ है। उन्होंने इसी संदर्भ में सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता को महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 9.5 लाख युवाओं को नौकरी देने के दावे का जिक्र करते हुए मनोज पांडे ने इसे प्रदेश के युवाओं के भविष्य से जुड़ी बड़ी पहल बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा देश का भविष्य हैं और सरकार का प्रयास है कि उन्हें रोजगार के अवसर मिलें तथा वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें। मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण को लेकर विपक्ष भले ही इसे जुमलेबाजी कहता रहा हो, लेकिन अब युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि अभी यह शुरुआत है और सरकार युवाओं के रोजगार के लिए आगे भी काम करेगी।
मनोज पांडे ने कहा कि योगी सरकार उत्तर प्रदेश के युवाओं की नौकरियों को न तो लूटने देगी और न ही उन्हें बिकने देगी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ सरकारी भर्तियों में निष्पक्षता पर भी जोर दिया जा रहा है। मंत्री ने योगी सरकार की कानून-व्यवस्था की तुलना पिछली व्यवस्थाओं से करते हुए कहा कि आज प्रदेश में महिलाएं और बेटियां रात तक अपने काम से लौट सकती हैं।
मनोज पांडे ने दावा किया कि योगी सरकार में अपराधियों में कानून का भय है। उन्होंने कहा कि बुलडोजर और सख्त कानून-व्यवस्था की कार्रवाई के कारण अपराधियों के मन में डर पैदा हुआ है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक तंज करते हुए कहा कि जो लोग आज पीडीए की बात कर रहे हैं, उन्हें अपनी सरकार के दौरान पिछड़े और कमजोर वर्गों के प्रतिनिधित्व को लेकर सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने लोधी, पटेल, कुमार, प्रजापति, पासवान और गौतम सहित विभिन्न समुदायों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन वर्गों को भी अवसर मिलना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के फैसले के बाद विपक्ष को अपनी राजनीति की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने रामचरितमानस और भगवान राम से जुड़े पुराने राजनीतिक विवादों का भी उल्लेख करते हुए विपक्ष पर वैचारिक विरोधाभास का आरोप लगाया। पांडे ने कहा कि सरकारी नौकरी केवल एक व्यक्ति का रोजगार नहीं है, बल्कि उसके पूरे परिवार और भविष्य से जुड़ी होती है। इसलिए भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार युवाओं के साथ अन्याय है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार का संकल्प है कि योग्य उम्मीदवारों को पारदर्शी तरीके से अवसर मिले। मंत्री ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उनके सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर देने की दिशा में काम कर रही है। सरकार के कामकाज को लेकर सवाल उठाने वालों को नियुक्ति पाने वाले युवाओं की खुशी भी देखनी चाहिए। मनोज पांडे ने कहा कि आने वाले समय में भी सरकार भर्तियों और रोजगार के क्षेत्र में काम जारी रखेगी और युवाओं के भविष्य से समझौता नहीं किया जाएगा।
--आईएएनएस
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