पेयजल, बिजली और वनाग्नि पर सीएम धामी ने की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
देहरादून, 22 मई (आईएएनएस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जंगल में लगने वाली आग के नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और मानसून की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
इस बैठक में मुख्यमंत्री ने वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखा जाए और सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शीतलाखेत मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करने पर जोर दिया जाए। उन्होंने फॉरेस्ट गार्ड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक हजार नई नियुक्तियां करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा ग्राम समितियों और वन पंचायतों को वनाग्नि रोकथाम के लिए नियमानुसार आवश्यक बजट उपलब्ध कराने को कहा।
गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध पेयजल और बिजली आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने वाटर टैंकरों की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने और चारधाम यात्रा मार्ग, अस्पतालों तथा अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में बैकअप व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। साथ ही संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले जिन श्रद्धालुओं को स्क्रीनिंग टेस्ट में फिट नहीं पाया जाता है, उन्हें यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से बचा जा सके।
इससे पहले सीएम ने सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर सख्त निर्देश जारी किए थे। सीएम ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि सड़कों पर नमाज की अनुमति नहीं देंगे, आवागमन और कानून व्यवस्था में अवरोध पैदा करने वालों पर सख्त कार्रवाई करेंगे। देवभूमि उत्तराखंड धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन की धरा है। यहां किसी को भी माहौल खराब करने का अधिकार नहीं है।
--आईएएनएस
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