पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर सरकार सख्त, अब तक 17 हजार से ज्यादा छापेमारी, 17 लोगों की गिरफ्तारी
लखनऊ, 30 मार्च (आईएएनएस)। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में है। कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए 12 मार्च से अब तक 17,581 छापेमारी और निरीक्षण किए गए हैं। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 33 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि अन्य मामलों में 189 एफआईआर दर्ज कर 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 224 लोगों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई भी की गई है।
मुख्य सचिव स्तर से जारी निर्देशों के बाद सभी जिलों में प्रशासन सक्रिय है और फील्ड में लगातार निगरानी की जा रही है। जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर और ईंधन मिल सके।
प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति फिलहाल पूरी तरह सामान्य है। राज्य में 12,888 पेट्रोल पंप संचालित हैं। 27 से 29 मार्च के बीच हजारों किलोलीटर ईंधन की बिक्री दर्ज की गई है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 91 हजार किलोलीटर पेट्रोल और 1.15 लाख किलोलीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। ऐसे में सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराहट में ईंधन का भंडारण न करें।
एलपीजी की स्थिति भी संतोषजनक बताई जा रही है। प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसी के साथ सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लंबित अनुमतियों को जल्द निपटाने और अधिक से अधिक पीएनजी कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने 23 मार्च से वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों के 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की अनुमति भी दी है।
आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके अलावा सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम सक्रिय हैं, जहां से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सरकार का कहना है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी तरह की कालाबाजारी या जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
--आईएएनएस
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