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पीएएल: पर्सनलाइज्ड तैयारी के साथ गणित और साइंस के फॉर्मूले होंगे याद

 

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। साइंस और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई सरल और रोचक बनाने के लिए एक नई पहल की गई है। यह पहल खासतौर पर कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए हैं। गणित और विज्ञान जैसे कठिन माने जाने वाले विषयों में पकड़ बनाने के लिए दीक्षा पोर्टल पर यह पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं। इसे पर्सनलाइज्ड एकेडमिक लर्निंग (पीएएल) का नाम दिया गया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पर्सनलाइज्ड एकेडमिक लर्निंग का यह पाठ्यक्रम इस तरह तैयार किया गया हैं कि हर छात्र अपनी समझ और गति के अनुसार पढ़ सके। यानी अब सभी को एक ही तरीके से नहीं, बल्कि हर किसी को उसकी जरूरत के अनुसार पढ़ने और सीखने का मौका मिलेगा। इसके जरिए हर एक चैप्टर को छोटे और आसान हिस्सों में समझाया गया है, ताकि विषय अच्छी तरह समझ में आए।

पढ़ाई का तरीका ऐसा रखा गया है जो छात्र की व्यक्तिगत प्रगति को देखते हुए आगे बढ़ता है।अभ्यास के लिए पर्याप्त प्रश्न और खुद जांच करने की सुविधा दी गई है। पूरी पाठ्य व अभ्यास सामग्री राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद यानी एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम पर आधारित है।

खास बात यह है कि यह सुविधा देशभर के विद्यार्थियों के लिए है, फिर वे चाहे किसी भी राज्य, शहर या गांव में रहते हों। यह पढ़ाई का तरीका बदलने वाली एक पहल है जिससे कक्षा 9 और 10 के लाखों छात्र गणित और विज्ञान जैसे विषयों को डर के बजाय समझ के साथ पढ़-समझ सकेंगे। शिक्षा मंत्रालय के दीक्षा पोर्टल यह उपलब्ध है।

दरअसल, पहले जहां एक किताब और एक ही तरीके से सभी बच्चों को पढ़ाया जाता था, वहीं अब यह नई व्यवस्था हर छात्र की समझ, उसकी गति और उसकी कमजोरियों को ध्यान में रखकर पढ़ाई कराती है। यानी अगर किसी छात्र को किसी खास अध्याय में दिक्कत है, तो उसे उसी हिस्से पर ज्यादा अभ्यास और समझ दी जाएगी।

शिक्षाविदों के मुताबिक, यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि अब पढ़ाई सिर्फ रटने तक सीमित नहीं रहेगी। बच्चों को हर विषय की गहराई से समझ दी जा रही है। गणित के सवाल हों या विज्ञान के सिद्धांत, हर एक चीज को छोटे-छोटे हिस्सों में समझाकर सिखाने का प्रयास है।

इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की दूरी भी कम होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे कठिन विषयों का डर धीरे-धीरे खत्म होगा, अपनी गति से पढ़ने का मौका मिलेगा, बार-बार अभ्यास और स्वयं मूल्यांकन से आत्मविश्वास बढ़ेगा।

वहीं, परीक्षा की तैयारी ज्यादा मजबूत होगी। छात्र दीक्षा पोर्टल पर जाकर अपनी कक्षा चुन सकते हैं और इन पाठ्यक्रमों में जुड़ सकते हैं। मोबाइल फोन के जरिए भी यह सुविधा उपलब्ध है, जिससे कहीं भी, कभी भी पढ़ाई संभव है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएसएच