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लोग सरकार को दोष देते रह गए, विदेशी मेहमान स्वच्छता का पाठ पढ़ा गया, देखें वीडियो

 

देश में स्वच्छता को लेकर अक्सर सरकारों पर सवाल उठते रहे हैं। सड़कें गंदी हैं, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैला है और लोग इसके लिए सीधे तौर पर सरकार और प्रशासन को दोष देते हैं। लेकिन हाल ही में सामने आई एक घटना ने इस सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां लोग सरकार को दोष देते रह गए, वहीं एक विदेशी मेहमान ने अपने व्यवहार से स्वच्छता का ऐसा पाठ पढ़ा दिया, जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक विदेशी पर्यटक सार्वजनिक स्थान पर फैले कचरे को खुद उठाकर कूड़ेदान में डालता नजर आ रहा है। न तो वह किसी सरकारी अभियान का हिस्सा है और न ही उसे ऐसा करने के लिए कोई मजबूरी है। इसके बावजूद उसने स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए यह कदम उठाया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भी चौंकाने वाला रहा।

अक्सर देखा जाता है कि लोग गंदगी फैलाने के बाद यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि सफाई करना सरकार या नगर निगम का काम है। लेकिन यह विदेशी मेहमान यह संदेश देता नजर आया कि स्वच्छता केवल व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। उसके इस छोटे से प्रयास ने यह स्पष्ट कर दिया कि बदलाव बड़े भाषणों से नहीं, बल्कि छोटे व्यवहारिक कदमों से आता है।

सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को साझा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि हमें स्वच्छता पर भाषण देने से पहले खुद अपने व्यवहार को सुधारने की जरूरत है। कुछ लोगों ने इसे आईना दिखाने वाली घटना बताया, तो कुछ ने सवाल उठाया कि जब एक विदेशी हमारे देश में आकर सफाई का ध्यान रख सकता है, तो हम खुद क्यों नहीं।

स्वच्छता विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में स्वच्छता से जुड़ी समस्या केवल संसाधनों की नहीं, बल्कि मानसिकता की भी है। जब तक लोग यह नहीं मानेंगे कि गंदगी फैलाना भी उतना ही गलत है जितना उसे साफ न करना, तब तक स्थायी बदलाव संभव नहीं है। विदेशी मेहमान का यह व्यवहार उसी मानसिक बदलाव की ओर इशारा करता है।

हालांकि सरकार की ओर से स्वच्छ भारत अभियान जैसे कई प्रयास किए गए हैं, लेकिन उनकी सफलता आम लोगों की भागीदारी पर ही निर्भर करती है। सड़क पर थूकना, कचरा इधर-उधर फेंकना और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना आज भी आम व्यवहार बना हुआ है। इसके उलट यह विदेशी पर्यटक बिना किसी प्रचार या दिखावे के स्वच्छता का उदाहरण पेश करता नजर आया।