नोएडा के फूल उत्सव में लोग फूल और गमले तक नहीं बख्शे — वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने न केवल लोगों को हैरान किया है बल्कि नागरिक चेतना (civic sense) और सार्वजनिक सभ्याचार पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। यह वीडियो नोएडा के Shivalik Park में आयोजित 2026 के फूल उत्सव के तुरंत बाद का है, जहाँ कुछ लोग सुंदर सजावट के लिए लगाए गए फूलों और गमलों को चोरी करते नजर आए।
यह घटना चौथे दिन के आखिरी क्षणों में हुई जब उत्सव समाप्त हो चुका था और विज़िटर्स पार्क से बाहर जा रहे थे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कई लोग सजावटी बूंदे और सजावट के फूल तोड़कर अपने साथ ले जा रहे हैं, जबकि कुछ फूलों के गमले तक उठाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
📹 वीडियो में क्या देखा गया?
सोशल मीडिया क्लिप में लोग फूलों की सजावट से सीधे फूल तोड़ते और उन्हें अपने साथ ले जाते दिख रहे हैं। कुछ मामलों में यह तक देखा गया कि फूल तोड़ने वालों को रोकने पर वे झगड़ने को भी तैयार हो गए। वीडियो में एक व्यक्ति कैमरे के सामने उन्हें टोका भी कह रहा है, “इतने खूबसूरत सजावट को देखने आए हैं या इसे तबाह करने आए हैं?”
एक दृश्य में एक युवक अन्य लोगों को यह कहते हुए कैद है कि “ये सब पढ़े-लिखे लोग हैं और फिर भी ऐसी हरकतें करते हैं,” जिससे यह साफ होता है कि यह सिर्फ एक मज़ाक नहीं बल्कि अनुचित व्यवहार है जिसे देखकर कई लोग निराश हैं।
🌼 सोशल मीडिया पर नाराज़गी और चर्चा
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर नागरिकों में गहरा गुस्सा देखा गया। यूज़र्स ने कई प्रतिक्रियाएँ साझा कीं:
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“ऐसे कदम से सिविक सेंस पर सवाल खड़े होते हैं।”
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“लोग सजावट देखने आए या मुफ्त में फूल लेने?”
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“अगर जनता वही लापरवाह रहेगी तो सार्वजनिक कार्यक्रमों की असली खूबसूरती खत्म हो जाएगी।”
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कुछ ने यह भी लिखा कि फूलों की चोरी जैसा व्यवहार हमारी सामाजिक जिम्मेदारी की कमी को उजागर करता है।
सोशल मीडिया पर एक क्लिप में एक महिला को एक युवक के सुझाव देने पर फूलों को फेंकते भी देखा गया, जिससे क्रोध और भी बढ़ गया। कई लोगों ने टिप्पणी की कि फूल चोरी करने वालों का व्यवहार “शहरी सभ्यता के लिए शर्मनाक” है।
🌷 यह घटना क्यों महत्वपूर्ण है?
ये वायरल वीडियो सिर्फ एक चोरी का मामला नहीं है — यह लोकतांत्रिक सभ्याचार और सार्वजनिक चेतना के स्तर को भी सवाल के घेरे में लाता है। फूल उत्सव जैसे सार्वजनिक आयोजनों में सजावट के फूलों और पौधों की सुंदरता सबके साझा आनंद के लिए होती है, न कि व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए।
नोएडा के इस शालीच्य-पार्क आयोजन में फूलों को सजाना, शहर की सौंदर्य और संस्कृति को दर्शाता है, लेकिन जिस तरह लोगों ने उसे लेकर असभ्य व्यवहार किया, उसने न केवल आयोजकों का प्रयास फीका किया बल्कि सिविक चेतना की कमी को भी प्रदर्शित किया।
📌 निष्कर्ष
यह वायरल घटना दिखाती है कि कहीं-कहीं नागरिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक शिष्टाचार की कमी आज भी चिंता का विषय बनी हुई है। फूल उत्सव जैसे आयोजन हजारों लोगों को प्रकृति और सुंदरता के करीब लाते हैं, लेकिन ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण कृत्यों से उसका मकसद खंडित हो जाता है।
सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने सरकार और आयोजकों से भी कड़े नियम और निगरानी की मांग की है ताकि इस तरह की घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा सुनिश्चित हो सके।