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बंगाल की पहली कैबिनेट बैठक में बॉर्डर पर फेंसिंग को लेकर फैसला, आयुष्मान योजना भी लागू: लॉकेट चटर्जी

 

कोलकाता, 11 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले, सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या, एसआईआर विवाद और पीएम मोदी की अपील पर भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में घुसपैठिए आ रहे थे, ऐसे में पश्चिम बंगाल देश के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गया था। सरकार बनते ही बॉर्डर पर फेंसिंग को लेकर फैसला लिया गया है।

लॉकेट चटर्जी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पिछले कई सालों से घुसपैठिए आ रहे थे। हम इस मुद्दे को लगातार उठा रहे थे। इसको लेकर एसआईआर भी हुआ। गृह मंत्री बार-बार चेतावनी दे रहे थे। हम लोग जीतकर आए हैं तो पहला फैसला यही हुआ है कि बॉर्डर को सुरक्षित किया जाए। अभी तक इनके लिए आना-जाना बहुत आसान था और यही लोग बंगाल चलाने की सोच रखते थे, लेकिन ऐसा नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि हर जगह आयुष्मान कार्ड चल रहा है, लेकिन यहां नहीं था। यहां के लोग बड़ी संख्या में बाहर रहते हैं, लेकिन राज्य सरकार का कार्ड उनके काम नहीं आता था। आयुष्मान कार्ड पूरे भारत में काम करता है। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार गई तो वहां आयुष्मान कार्ड शुरू कर दिया गया और बंगाल में भी पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान योजना शुरू करने का फैसला लिया गया।

सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या को लेकर उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए और जो भी शूटर थे, उनके खिलाफ कड़ी और त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने टीएमसी पर आरोप लगाया कि वे लोग घुसपैठियों के वोटों से जीतते आ रहे थे, लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ने इस बार भाजपा का साथ दिया है क्योंकि जनता यहां हुए भ्रष्टाचार से परेशान थी। लोगों के मन में ऐसी भावना है, जैसे उन्हें आजादी मिल गई हो। पहली आजादी 1947 में मिली थी और अब लोग खुद को आजाद महसूस कर रहे हैं।

लॉकेट चटर्जी ने कहा कि लियोनेल मेसी के इवेंट के दौरान पश्चिम बंगाल की बहुत बदनामी हुई थी। कई खिलाड़ियों ने यहां आने से भी इनकार कर दिया था। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मामले में जो भी दोषी सामने आए, उसे जेल होनी चाहिए, भले ही वह पूर्व मंत्री ही क्यों न हो।

प्रधानमंत्री द्वारा विदेशों पर निर्भरता कम करने की अपील पर उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जो समस्याएं चल रही हैं, उस हिसाब से उनकी सलाह माननी चाहिए। वह हमारे अभिभावक हैं। देश के हित के लिए हमें उनकी सलाह माननी चाहिए।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी