पीडीए पर योगी के बयान से गरमाई सियासत, अखिलेश बोले- घबराई भाजपा बदल रही परिभाषा
लखनऊ, 22 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच पीडीए को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पीडीए में ‘पी’ का मतलब पाकिस्तान बताए जाने वाले बयान पर सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा पीडीए से घबराई हुई है, इसलिए उसकी परिभाषा बदल रही है। अखिलेश ने कहा कि ‘एकरंगी क्या जानें पीडीए के बहुरंग’। उन्होंने कहा कि पीडीए का मतलब प्रेम, दया और अपनापन है।
उन्होंने भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और सरकारी बजट की कथित लूट को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में सपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि सपा गिरगिट की तरह रंग बदलती है और पीडीए में ‘पी’ का मतलब एक दिन पाकिस्तान कर देगी। उन्होंने कहा था कि सपा का ‘पी’ पहले पिछड़ा था और बाद में पंडित हो गया। अखिलेश ने कहा, ‘‘पी का मतलब पाकिस्तान-भाजपा का मतलब भाग जाओ पाकिस्तान।’’ उन्होंने दावा किया कि भाजपा पीडीए से घबराई हुई है और इसी वजह से इसकी परिभाषा बदलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जितनी पीड़ा बढ़ेगी, उतना ही पीडीए मजबूत होगा।
सपा अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर विपक्ष और पीडीए समाज के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में फर्जी मुठभेड़ हो रही हैं। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और इसमें शामिल बड़े लोगों को बचाने का काम किया गया। अखिलेश ने दावा किया कि भाजपा के कथित षड्यंत्र को विफल करने की ताकत केवल समाजवादी पार्टी के पास है। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनने पर प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आज हर चीज महंगी हो गई है। पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने और चीनी की कीमतों को लेकर उन्होंने सरकार पर मुनाफाखोरी का आरोप लगाया।
अखिलेश ने सरकार से सवाल किया कि यदि करीब 15 करोड़ लोगों को गरीब माना जा रहा है और उन्हें आयुष्मान कार्ड मिला है तो उनकी प्रति व्यक्ति आय कितनी है। उन्होंने कहा कि सपा और उसके सहयोगी दल प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रहे हैं और इस बार दोहरी तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘सपा किसी को छोड़कर नहीं जाती, सपा को लोग छोड़कर जाते हैं।’’ प्रयागराज और लखनऊ में जलभराव का जिक्र करते हुए अखिलेश ने सरकार पर विकास कार्यों के नाम पर खर्च के बावजूद बुनियादी समस्याएं दूर नहीं कर पाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में भारी रकम विकास कार्यों पर खर्च होने के बावजूद हालात देखे जा सकते हैं और लखनऊ में भी जलभराव की स्थिति सामने आई है।
बुलेटप्रूफ जैकेट के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि उन्हें अभी तक ऐसी जैकेट नहीं मिली है और उन्हें इसकी जरूरत भी नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन्हें इसकी ज्यादा जरूरत है, उनसे जाकर पूछा जाना चाहिए। अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार बनने पर पशुपालन और डेयरी कारोबार से जुड़े लोगों के हित में नई नीति लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी डेयरी नीति बनाई जाएगी जिससे पशुपालकों और इस कारोबार से जुड़े लोगों को जानवरों और व्यापार दोनों में लाभ मिल सके। उन्होंने भाजपा के सहयोगी दलों को सीट बंटवारे को लेकर भी निशाना बनाया और कहा कि यदि सपा अपने सहयोगियों को पर्याप्त सीटें देती है तो सहयोगी दलों को भी उसी भावना के साथ सीटें देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सहयोगी दलों का सम्मान किया जाना चाहिए और चौधरी चरण सिंह तथा अजित सिंह जैसे नेताओं की विरासत का भी सम्मान होना चाहिए।
दिव्यांगों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर दिव्यांगजनों को सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के लिए अलग घोषणापत्र तैयार किया जाएगा और जरूरतमंद दिव्यांग साथियों को इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। अखिलेश ने महिलाओं और गरीबों के लिए आर्थिक सहायता से जुड़े वादों को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब सपा ने 40 हजार रुपये देने की घोषणा की थी, तब भाजपा ने इसे हवाहवाई बताया था, जबकि अब 50 हजार रुपये देने की बात कही जा रही है। उन्होंने महाराष्ट्र और बिहार की योजनाओं का भी संदर्भ देते हुए लाभार्थियों के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया। गौमूत्र को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि उनके पार्टी कार्यालय में 200 लीटर गौमूत्र रखा हुआ है और सवाल यह है कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा।
--आईएएनएस
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