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पटना पुलिस ने साइबर फ्रॉड गिरोह का किया भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

 

पटना, 23 मई (आईएएनएस)। पटना में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना पुलिस ने एक संगठित साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, लैपटॉप और बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेनदेन का मामला सामने आया है।

डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ साइबर अपराधी लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और आसान लोन उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनके नाम पर बैंक में करेंट अकाउंट खुलवा रहे थे। इसके बाद आरोपी खातों से जुड़ी पासबुक, एटीएम कार्ड, बैंक डिटेल, सिम कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में रख लेते थे। बाद में उन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी में किया जाता था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी के पर्यवेक्षण में साइबर थाना की विशेष टीम गठित की गई। टीम का नेतृत्व डीएसपी सह साइबर थाना प्रभारी नीतीश चंद्र धारिया ने किया। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र के जकरियापुर इलाके में एक मकान से साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापेमारी की और मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नालंदा जिले के नूरसराय निवासी संजय कुमार और नवादा जिले के पकड़ी बरवा निवासी अभिषेक कुमार के रूप में हुई है।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 12 एटीएम कार्ड, 13 चेकबुक और एक पासबुक बरामद की। पुलिस का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है। जांच में कई बैंक खातों के जरिए बड़े पैमाने पर वित्तीय लेनदेन के प्रमाण मिले हैं।

डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि आरोपियों के नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में एक महिला समेत अन्य लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने किन-किन राज्यों में लोगों को निशाना बनाया और कितने लोगों से ठगी की गई। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी