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पटना एम्स को मिलेगी 24 एकड़ अतिरिक्त जमीन, बर्न मरीजों के लिए स्किन स्टोरेज की होगी व्यवस्था: सम्राट चौधरी

 

पटना, 5 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना का निरीक्षण किया और संस्थान के विस्तार के लिए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि एम्स के विस्तार के लिए जल्द ही 24 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अस्पताल में करीब 200 नए बेड जुड़ेंगे और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने एम्स प्रशासन और अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा अधोसंरचना और भविष्य की विकास योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने एम्स, पटना से नाथूपुर तक प्रस्तावित चार लेन सड़क निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इस सड़क के बन जाने से मरीजों, उनके परिजनों और आम लोगों को अस्पताल तक आने-जाने में काफी सुविधा होगी। सम्राट चौधरी ने बर्न मरीजों के उपचार को और प्रभावी बनाने के लिए एम्स में स्किन स्टोरेज (त्वचा भंडारण) की व्यवस्था विकसित करने में राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।

उन्होंने बर्न वार्ड का निरीक्षण किया, भर्ती मरीजों से मुलाकात की और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही मरीजों और उनके परिजनों का हौसला बढ़ाते हुए शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में पेट-सीटी रूम, स्पेक्ट-सीटी रूम और रेडियो फार्मेसी लैब का भी जायजा लिया।

इसके अलावा उन्होंने ऑन्कोलॉजी विभाग, एनाटॉमी विभाग और ओपीडी का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। एम्स परिसर स्थित तालाब का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने उसके जीर्णोद्धार का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि तालाब को पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन एवं आकर्षण के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, ताकि यह लोगों के लिए एक सुंदर और उपयोगी स्थल बन सके।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार एम्स, पटना के विकास से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों में सक्रिय सहयोग करेगी, ताकि बिहार में आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा सके।

--आईएएनएस

एमएनपी/पीएम