'पथिक' की पहल से गुजरात में होटल चेक-इन हुआ पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित: हर्ष संघवी
अहमदाबाद, 31 जनवरी (आईएएनएस)। अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच ने डिजिटल गवर्नेंस और सार्वजनिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह देश की पहली ऐसी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी बन गई है जिसने आधार-इनेबल्ड गेस्ट वेरिफिकेशन के लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के साथ आधिकारिक एग्रीमेंट किया है। इस पहल से न सिर्फ पुलिसिंग के तरीके में बदलाव आया है, बल्कि आम नागरिकों और यात्रियों को भी एक आसान, सुरक्षित और भरोसेमंद सिस्टम मिला है।
इस उपलब्धि को लेकर गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पथिक (प्रोग्राम फॉर एनालिसिस ऑफ ट्रैवलर एंड होटल इन्फॉर्मेटिक्स) गुजरात में होटल चेक-इन की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और स्मार्ट बना रहा है। अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच की यह पहल नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग का बेहतरीन उदाहरण है, जहां सुविधा और सुरक्षा दोनों को बराबर महत्व दिया गया है।
उन्होंने बताया कि यूआईडीएआई के सहयोग से और ओवीएसई 2026 के तहत लॉन्च किए गए इस डिजिटल-फर्स्ट हॉस्पिटैलिटी इकोसिस्टम में होटल चेक-इन अब पूरी तरह पेपर-फ्री हो गया है। होटल द्वारा एक क्यूआर कोड जनरेट किया जाता है, जिसे मेहमान अपने मोबाइल से स्कैन करते हैं और कुछ ही सेकंड में आधार से जुड़ी पहचान वेरिफाई हो जाती है। न तो किसी तरह की फिजिकल फोटोकॉपी देनी पड़ती है, न ही लंबा-चौड़ा फॉर्म भरना पड़ता है और न ही सिग्नेचर करने की झंझट रहती है।
उन्होंने बताया कि इस सिस्टम की एक बड़ी खासियत इसका प्राइवेसी-फर्स्ट सहमति मॉडल है। इसमें मेहमान की साफ मंजूरी के बिना कोई भी डेटा शेयर नहीं किया जाता। इससे लोगों को भरोसा मिलता है कि उनकी निजी जानकारी सुरक्षित है। साथ ही, इस प्रक्रिया से फर्जी आईडी, दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल और पहचान की चोरी जैसे मामलों पर भी लगभग पूरी तरह रोक लग जाती है।
उन्होंने बताया कि रियल-टाइम फेस वेरिफिकेशन की सुविधा के चलते कोई भी अपराधी या देश-विरोधी तत्व जाली या मॉर्फ्ड पहचान के सहारे गुजरात में ठहर नहीं सकता। इससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और ज्यादा मजबूत होती है। पथिक की स्केलेबिलिटी भी काफी असरदार है, क्योंकि इसका इस्तेमाल तेज किरायेदार वेरिफिकेशन, होटल स्टाफ और कर्मचारियों की जांच और वेरिफाइड पहचान के जरिए सामुदायिक सुरक्षा बढ़ाने में भी किया जा सकता है।
संघवी ने कहा, "यह पहल यात्रियों का भरोसा बढ़ाती है, सुरक्षित पर्यटन को बढ़ावा देती है और गुजरात को सही मायने में एक पर्यटक-अनुकूल और टेक-ड्रिवन राज्य के रूप में स्थापित करती है। यह इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे टेक्नोलॉजी और गवर्नेंस मिलकर सुरक्षा, सुविधा और पारदर्शिता प्रदान कर सकते हैं।"
--आईएएनएस
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