पश्चिम बंगाल: स्वास्थ्य मंत्री ने फिर खोली आरजी कर केस फाइल, पीड़िता के पिता ने तत्कालीन सरकार पर लगाया आरोप
कोलकाता, 9 अगस्त (आईएएनएस)। आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले को दो साल पूरे हो गए हैं, लेकिन पीड़िता के पिता का कहना है कि अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है।
पीड़िता के पिता ने कहा, "न्याय दिलाने की कोशिश चल रही है। अभी राज्य सरकार हमारी पूरी मदद कर रही है। सीबीआई की पुरानी टीम हटाकर नई टीम बनाई गई है। ये लोग भी पूरी इनफॉरमेशन जुटाने की कोशिश में हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार का संबंध इस केस से था।
पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखोपाध्याय ने कहा, "इस हादसे को दो साल हो गए। अभी भी इस हादसे का सच क्या है, हम लोगों को मालूम नहीं है। कौन-कौन थे, किसने किया ये सब, यहां पर जितना भी प्रमाण था, उसे गायब क्यों किया गया। उसके पीछे कौन थे, किसके आदेश में किया गया, वही हम खोज रहे हैं। सच का सामना सबको करना पड़ेगा। इसीलिए दोबारा यह फाइल खोली है। हम सच की तलाश में हैं। सच के लिए हम लोग कुछ भी कर सकते हैं।"
पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने काटवा उप-मंडलीय अस्पताल में पीड़िता के लिए कैंडल लाइट ट्रिब्यूट रखा। उन्होंने त्वरित न्याय की मांग की।
9 अगस्त 2024 को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में एक महिला डॉक्टर से रेप और हत्या की घटना ने पूरे देश को हिला दिया था। इसके बाद आंदोलन, विरोध प्रदर्शन, नाइट विजिल, भूख हड़ताल और लगातार जुलूस निकाले गए। समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग न्याय की मांग के लिए सड़कों पर उतरे।
दो साल में बहुत कुछ बदल गया है। जो तब विपक्ष में थे, वो आज सत्ता में हैं। पीड़िता की मां को लोगों ने भाजपा विधायक के रूप में चुना है।
मामले की जांच अब भी राज्य स्वास्थ्य विभाग की कमेटी कर रही है और सीबीआई की नई टीम भी सबूत जुटाने में जुटी है।
--आईएएनएस
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