पश्चिम बंगाल में दोबारा मतदान पर सियासी घमासान, टीएमसी-भाजपा आमने-सामने
कोलकाता, 2 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान कुछ क्षेत्रों में री-पोलिंग के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा दोनों ही पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं।
टीएमसी नेता जयप्रकाश मजूमदार ने आईएएनएस से कहा, "चुनाव 29 अप्रैल को हुआ था। आज 2 मई है, तीन दिन बीत चुके हैं लेकिन दोबारा मतदान की मांग को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। क्या भाजपा ने एक पार्टी के रूप में दोबारा चुनाव करवाने की कोई औपचारिक मांग रखी है? क्या उन्होंने कोई शिकायत दर्ज कराई है?"
मजूमदार ने चुनाव आयोग की तारीफ करते हुए कहा, "चुनाव शांतिपूर्ण रहा था। उसी शाम चुनाव आयोग ने इसे अच्छा चुनाव बताया था। यूपी से एक विशेष पुलिस पर्यवेक्षक भी मौजूद थे।"
टीएमसी नेता ने भारत के चुनाव आयोग की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा, "आजादी के 80 वर्षों और संविधान लागू होने के 77 वर्षों बाद भी ईसीआई ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में शानदार काम किया है और पूरी दुनिया से तारीफ बटोरी है।" उन्होंने इसे ‘झटका’ नहीं बल्कि एक मुद्दा बताया जिसकी पृष्ठभूमि समझने की जरूरत है।
पुलिस ऑब्जर्वर की भूमिका पर मजूमदार ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, "अगर कोई आम नागरिक नकली बंदूक से ऐसी बात करता, तो अब तक जेल में होता।" उन्होंने संजय दत्त के टीएडीए मामले का हवाला देते हुए कहा कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कालीघाट पुलिस स्टेशन के ओसी की वायरल तस्वीर (बंदूक के साथ) पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कानून की रक्षा करने वाले लोगों को पूरी जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हथियार लेकर तस्वीरें खिंचवाकर लोगों को डराने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।"
दोबारा मतदान के मुद्दे पर राहुल सिन्हा ने कहा, "इस बार पहले की तुलना में हिंसा काफी कम हुई। कई क्षेत्रों के लोग पहली बार वोट डाल पाए। तृणमूल कांग्रेस कितनी भी कोशिश कर ले, इस बार वह हार जाएगी।"
--आईएएनएस
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