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पश्चिम बंगाल में हुआ ऐतिहासिक बदलाव, भाजपा की जीत वास्तविकः रंजन मुखर्जी

 

नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल, असम में भाजपा और पुडुचेरी में एनडीए की सरकार बनेगी। भाजपा के पक्ष में आ रहे परिणामों पर भाजपा नेता खुशी मना रहे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए जीत पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।

पूर्व वायुसेना प्रमुख रंजन मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदर्शन को "ऐतिहासिक बदलाव" बताया और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक शक्ति को दिया। उन्होंने समान नागरिक संहिता के महत्व और घुसपैठ सहित राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर भी जोर दिया।

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों में भाजपा की जीत पर वायुसेना प्रमुख (सेवानिवृत्त) और प्रसार भारती के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक रंजन मुखर्जी ने कहा, "यह बंगाल में एक ऐतिहासिक बदलाव है। मौजूदा चुनाव और उभरते रुझान एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत दे रहे हैं। इसमें एसआईआर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसआईआर के माध्यम से गलत तरीके से शामिल किए गए नामों को हटाया गया, जैसे कि जो लोग देश छोड़कर चले गए थे या देश के नागरिक नहीं थे।"

रंजन मुखर्जी ने कहा, "भाजपा को 2021 के चुनावों में ही इस राज्य में सत्ता में आना चाहिए था, लेकिन तब तैयारियों का स्तर इतना ऊंचा नहीं था, इसीलिए 2021 में चुनाव पूर्व और चुनाव बाद कई घटनाएं देखने को मिलीं। इस बार केंद्रीय बलों की मौजूदगी के कारण कोई अनियमितता नहीं हुई। सब कुछ स्पष्ट और पारदर्शी है। भाजपा की जीत वास्तविक है।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी तीन में से पांच राज्यों में सरकार बनाने जा रही है। पुडुचेरी और असम में हम तीसरी बार सरकार बना रहे हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा पहली बार सरकार बना रही है। इससे पता चलता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू पूरे देश में फैल रहा है। पश्चिम बंगाल की जनता ने भी स्वीकार कर लिया है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उन्हें ऐसी सरकार चाहिए जो राज्य का विकास कर सके।"

दिल्ली के भाजपा प्रवक्ता धनंजय गिरि ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और अमित शाह द्वारा पश्चिम बंगाल चुनाव को एक मिशन बनाया गया। इस मिशन का उदाहरण कार्यकर्ताओं के हाथों से लेकर हर गली, हर चौराहे, हर कार्यकर्ता, हर मतदाता तक पहुंचाया गया। कार्यकर्ताओं और मतदताओं को विश्वास का था कि अगर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो रहे हैं तो वोट देना चाहिए, डरना नहीं चाहिए।''

--आईएएनएस

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