पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम जनता का जनादेश नहीं, बल्कि प्रशासनिक आदेश: महेश तापसे
मुंबई, 6 मई (आईएएनएस)। एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता महेश तापसे ने पश्चिम बंगाल में चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी के रुख, तमिलनाडु गठबंधन सहित अन्य मुद्दों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने ममता बनर्जी के इस्तीफे न देने और चुनाव में गड़बड़ी करने के आरोपों का समर्थन किया।
महेश तापसे ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "मैं ममता बनर्जी के इस बयान से पूरी तरह सहमत हूं कि पश्चिम बंगाल का नतीजा लोकतांत्रिक शासन का परिणाम नहीं है। यह ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग, पुलिस जांच और सीआरपीएफ का नतीजा है। कोई भी इसे जनता का जनादेश नहीं मानता। ममता बनर्जी का यह कहना बिल्कुल सही है कि यह जनता का जनादेश नहीं, बल्कि प्रशासनिक आदेश है।"
तमिलनाडु में विजय की पार्टी को समर्थन देने के लिए कांग्रेस द्वारा डीएमके को धोखा देने के आरोपों पर महेश तापसे ने कहा, "इसमें किसी भी तरह का छल नहीं है। मुझे नहीं लगता कि इसे छल कहा जाना चाहिए। सरकार बनाने के लिए चुनी गई पार्टी ही ऐसे फैसले लेती है। उन्होंने कांग्रेस हाईकमान से जरूर बात की होगी। कांग्रेस का सिर्फ एक ही मकसद है, और वह है भाजपा को सत्ता से बाहर रखना। 2014 से महाराष्ट्र और पूरे देश में जिस तरह की राजनीति हो रही है, वह किसी को पसंद नहीं है, इसलिए अगर कोई समर्थन मांग रहा है और एक धर्मनिरपेक्ष मोर्चा बन सकता है, तो इस पर जरूर विचार किया जाना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि इसमें किसी तरह का विश्वासघात शामिल है।"
मीरा रोड नया नगर घटना पर तापसे ने कहा, "मैं केवल इतना ही कहना चाहूंगा कि मुंबई, महाराष्ट्र और भारत किसी भी प्रकार की सांप्रदायिकता या किसी भी प्रकार के आतंकवादी हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रशासन द्वारा जो भी कार्रवाई आवश्यक होगी, उसे पूरी ताकत से अंजाम दिया जाएगा।"
पश्चिम बंगाल की जीत पर डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देने पर महेश तापसे ने कहा, "ईरान के साथ जो भी समझौता हो रहा है, वह वास्तव में पाकिस्तान द्वारा किया जा रहा है। तो इसमें भारत की क्या भूमिका है?"
--आईएएनएस
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