पश्चिम बंगाल में गूंजा 'श्यामा प्रसाद मुखर्जी अमर रहे' का नारा, बालुरघाट में प्रतिमा का अनावरण
बालुरघाट, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री और बालुरघाट से सांसद सुकांत मजूमदार ने सोमवार को बालुरघाट के बीजेपी मोड़ पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने 'एक देश, एक कानून' की अवधारणा में डॉ. मुखर्जी के ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय समर्थक मौजूद रहे और पूरे जोश के साथ इस समारोह में हिस्सा लिया।
प्रतिमा अनावरण के बाद सांसद सुकांत मजूमदार ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह बेहद पुण्य अवसर है कि डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा की स्थापना ऐसे दिन हुई है, जब दुर्गा पूजा की अष्टमी और नवमी दोनों तिथियां एक साथ पड़ रही हैं।
सुकांत मजूमदार ने कहा, "बालुरघाट के बीजेपी मोड़ इलाके में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्य मूर्ति की स्थापना हुई है। यह स्थापना एक पुण्य दिन पर हुई है, जिस दिन दुर्गा पूजा की अष्टमी और नवमी दोनों तिथियां हैं। आज पूरे जोश के साथ डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा स्थापित की गई है।"
केंद्रीय मंत्री और बालुरघाट से सांसद सुकांत मजूमदार ने कहा, "हम मानते हैं कि पश्चिम बंगाल के निर्माता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी हैं, जिन्होंने 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान, नहीं चलेंगे' का नारा दिया था। उनकी प्रतिमा स्थापित कर हम पश्चिम बंगाल के निर्माण में उनके योगदान को थोड़ा सम्मान दे पाए हैं। इसके लिए हम खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने हमेशा राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए काम किया। 'एक देश, एक विधान, एक निशान' का उनका विचार ही आज 'एक राष्ट्र, एक कानून' की अवधारणा की नींव है। बंगाल के लोगों को उनका यह बलिदान कभी नहीं भूलना चाहिए।
इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अमर रहें' के नारे लगाए। पूरे परिसर को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था। प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सभी नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
--आईएएनएस
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