परविंदर सिंह झोटा की हत्या ने पंजाब सरकार की पोल खोली: फतेह जंग सिंह बाजवा
चंडीगढ़, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा नेता फतेह जंग सिंह बाजवा ने परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या को लेकर पंजाब की भगवंत मान सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के कारोबार पर रोक लगाने में राज्य सरकार की विफलता के कारण ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। झोटा की हत्या ने पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस घटना के बाद सरकार के खिलाफ जनता में भारी गुस्सा है।
इसके साथ ही, बाजवा ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लोगों को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार मिलना चाहिए और सरकार को इसके लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने पर विचार करना चाहिए।
परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या के विरोध में बुलाए गए पंजाब बंद पर बाजवा ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी जिम्मेदारी राज्य सरकार और पुलिस की बनती है। उन्होंने दावा किया कि नशीले पदार्थ बेचने वालों के बारे में पुलिस को जानकारी रहती है और झोटा ने भी घटना से पहले तरनतारन के डीएसपी को पूरे मामले की जानकारी दी थी। पुलिस अधिकारी ने मौके पर पहुंचने की बात कही थी। इसके बाद जब झोटा की केमिस्ट शॉप के संचालक के साथ बहस शुरू हुई, तो उन्होंने दोबारा डीएसपी को फोन कर मौके पर आने के लिए कहा। इसी दौरान दुकानदार ने रिवॉल्वर निकालकर गोली चला दी, जिससे झोटा की मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि पुलिस की समय पर कार्रवाई नहीं होने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने घर तोड़े जाने और दुकान जलाए जाने की घटनाओं का भी उल्लेख किया। बाजवा ने कहा कि लोगों का गुस्सा सरकार की विफलता को दर्शाता है, हालांकि गुस्से में कानून हाथ में लेना भी उचित नहीं है। झोटा अपने इलाके में नशे के खिलाफ खुलकर आवाज उठाते थे। उनकी हत्या से पंजाब में यह चिंता पैदा हुई है कि नशा तस्करों के खिलाफ बोलने वाले लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए, जो नशे के खिलाफ आवाज उठाते हैं। झोटा की मौत पूरे पंजाब के लिए चिंता का विषय है। पंजाब बंद के आह्वान को विभिन्न राजनीतिक दलों और लोगों का समर्थन मिला तथा झोटा के परिवार के साथ कई पार्टियां खड़ी हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की बैठक को लेकर बाजवा ने कहा कि यह बैठक पंजाब में जनता के गुस्से को देखते हुए बुलाई गई है। आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। पंजाब की जनता ऐसी सरकार चाहती है जो कानून-व्यवस्था संभालने और नशे की समस्या खत्म करने के लिए दृढ़ता से काम करे। उन्होंने भाजपा का समर्थन करते हुए जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख किया। भाजपा नेता ने दावा किया कि पंजाब में शांति और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भाजपा प्रभावी भूमिका निभा सकती है।
केंद्र सरकार के जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के फैसले पर बाजवा ने सहमति जताई। उन्होंने दावा किया कि पिछले विरोध प्रदर्शनों के दौरान कुछ संदिग्ध तत्वों की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई थीं। पुलिस ने ऐसे एक मॉड्यूल के लोगों को पकड़ा था, जिनके जंतर-मंतर पहुंचकर गड़बड़ी करने की आशंका थी।
बाजवा ने कहा कि केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि किसी भी प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और लोगों को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने सुझाव दिया कि बड़े प्रदर्शनों के लिए रामलीला मैदान या किसी अन्य उपयुक्त स्थान की पहचान की जा सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विरोध प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है, जबकि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर संतुलित फैसला लिया जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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