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परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में पंजाब बंद, कई जिलों में प्रदर्शन

 

चंडीगढ़, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में पंजाब बंद के आह्वान पर राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन हुए। चंडीगढ़ में पंजाब सिविल सचिवालय और चंडीगढ़-मोहाली स्थित निदेशालयों के कर्मचारियों ने सेक्टर-17 में रैली निकालकर बंद का समर्थन किया। वहीं, जालंधर में किसानों ने जालंधर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन करते हुए यातायात बाधित किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों को हिरासत में लेकर हाईवे खाली कराया, जिसके बाद यातायात बहाल हो गया। दूसरी ओर, मोहाली में बंद के दौरान कुछ बाजार खुले रहे।

प्रदर्शनकारियों ने झोटा की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। किसान संगठनों ने नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरा और मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों को परेशानी से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए गए।

पंजाब गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखचैन सिंह खैरा ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ और पंजाब के युवाओं के हित में संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नशे की तस्करी में शामिल असामाजिक तत्वों ने उनकी हत्या की। झोटा को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए कर्मचारी एकत्र हुए हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारी अगले दिन झोटा के घर जाकर उनके परिवार और प्रदर्शन कर रहे लोगों से मिलेंगे। उन्होंने परिवार को हर संभव सहयोग देने और उनके संघर्ष में साथ खड़े रहने की बात भी कही।

जालंधर में पंजाब बंद के समर्थन में किसानों ने जालंधर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन किया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाकर हिरासत में लिया और हाईवे खाली कराया। इसके बाद यातायात बहाल कर दिया गया।

प्रदर्शन कर रहे एक किसान नेता ने कहा कि उन्हें सुबह से ही घरों में रोके जाने की कोशिश की गई, लेकिन कार्यकर्ताओं की मदद से वे प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे। उन्होंने सरकार पर नशा तस्करी के मामलों में कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि आम लोगों की सुरक्षा संबंधी जरूरतों की अनदेखी की जा रही है।

वहीं, जालंधर के पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों को तुरंत सड़क के किनारे कर दिया गया। यातायात सामान्य रूप से चल रहा है और शहर खुला है। सभी संगठन पुलिस के साथ सहयोग कर रहे हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाती है।

बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह मानसा में परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि पुलिस परिवार और संबंधित लोगों के लगातार संपर्क में है तथा स्थिति शांतिपूर्ण है। डीआईजी ने बताया कि समिति के सदस्यों के साथ हुई बैठक सकारात्मक रही और विभिन्न मांगों पर सहमति बनी है। मांगों को लेकर फिलहाल विस्तृत टिप्पणी नहीं की जा सकती। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनवीर सिंह गिल ने कहा कि पुलिस ने पहले ही विभिन्न संगठनों से संपर्क कर अपील की थी कि किसी के साथ जबरदस्ती न की जाए और दुकानों, घरों या कारोबार को बंद कराने के लिए किसी तरह की परेशानी पैदा न की जाए। जो लोग दुकानें खोलकर अपना काम जारी रखना चाहते हैं, उन्हें ऐसा करने दिया जाना चाहिए। कई लोग प्रतिदिन 500 से 1,000 रुपए कमाकर अपने बच्चों और परिवार का खर्च चलाते हैं। पुलिस का प्रयास है कि बंद के दौरान किसी को अनावश्यक परेशानी न हो।

किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि किसान मजदूर मोर्चा और उससे जुड़े संगठन पंजाब बंद के समर्थन में सड़कों पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि नशे के मुद्दे पर बंद को लोगों का समर्थन मिल रहा है और कई कारोबार बंद रखे गए हैं। पंधेर ने बताया कि अमृतसर के गोल्डन गेट पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और भगवंत मान सरकार का पुतला जलाया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के पद छोड़ने की मांग की।

--आईएएनएस

पीएसके