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अजित पवार के बेटे पार्थ पवार बने राज्यसभा सांसद, उपराष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

 

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। पार्थ पवार गुरुवार को आधिकारिक रूप से राज्यसभा के सदस्य बन गए हैं। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने गुरुवार को संसद भवन में पार्थ अजित पवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ दिलाई। एनसीपी के पार्थ पवार महाराष्ट्र से निर्वाचित होकर राज्यसभा पहुंचे हैं।

गौरतलब है कि पार्थ पवार महाराष्ट्र के एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से संबंध रखते हैं। वे दिवंगत अजित पवार के पुत्र हैं और शरद पवार के पोते हैं। अजित पवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री थे। इसी साल एक विमान दुर्घटना में अजित पवार का निधन हो गया था, जिसके बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। अजित पवार के निधन के कुछ ही समय बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।

उन्होंने पति के निधन के कुछ दिनों बाद ही महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली और इसके साथ ही पार्टी की जिम्मेदारियां भी संभालीं। इससे पहले सुनेत्रा पवार राज्यसभा की सदस्य थीं, लेकिन बाद में उन्होंने उस पद से इस्तीफा दे दिया ताकि वे राज्य सरकार में अपनी नई भूमिका निभा सकें।

सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के कारण राज्यसभा की जो सीट खाली हुई, उसी सीट पर पार्थ पवार को निर्वाचित किया गया। यह दिल्ली में उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

गुरुवार को हुए इस शपथ ग्रहण समारोह में पार्थ पवार ने संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली। इसके साथ ही, वे देश के उच्च सदन का हिस्सा बन गए हैं, और अब वे राष्ट्रीय स्तर पर कानून निर्माण और महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी भागीदारी निभाएंगे।

शपथ ग्रहण के दौरान उपराष्ट्रपति के अलावा नेता सदन और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश व अन्य व्यक्ति मौजूद रहे। गौरतलब है कि इससे कुछ दिन पहले 6 अप्रैल को पार्थ के दादा व अजीत पवार के चाचा शरद पवार ने राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली थी। तब महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से चुनकर आए अन्य नेताओं ने भी राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ ली थी।

राज्यसभा में कुल 19 सदस्यों ने सोमवार शपथ ली थी। इनमें एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार, केंद्रीय मंत्री व महाराष्ट्र की रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के नेता रामदास आठवले, एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता थंबीदुरई व डीएमके के तिरुची शिवा जैसे वरिष्ठ नेता शामिल थे। ये सभी नेता से फिर से राज्य सभा के सदस्य बने हैं।

--आईएएनएस

जीसीबी/एसके