विपक्ष की मकर द्वार राजनीति से संसद बाधित, चर्चा के बजाय बाहर प्रदर्शन कर रहे : आरएलडी सांसद चंदन चौहान
नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के लगातार हंगामे को लेकर सत्ता पक्ष के सांसदों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आरएलडी सांसद चंदन चौहान ने विपक्ष के आचरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि संसद को न चलने देने की जिद से लोकतंत्र की प्रक्रिया बाधित हो रही है।
आरएलडी सांसद चंदन चौहान ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "अब राजनीति का एक नया रूप सामने आया है, जिसे लोग मकर द्वार राजनीति कहने लगे हैं। विपक्ष के सांसद संसद के प्रवेश द्वार पर 10 से 20 मिनट तक विरोध प्रदर्शन करते हैं, लेकिन सदन को 15 मिनट भी सुचारू रूप से नहीं चलने देते। अगर यही समय सदन के अंदर मुद्दों पर चर्चा में लगाया जाए तो विधेयकों पर ज्यादा सार्थक बहस हो सकती है और संसदीय प्रक्रिया बेहतर बन सकती है।"
चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "खड़गे वरिष्ठ नेता हैं और उन्होंने सरकारें चलाई हैं। जब कथनी और करनी में अंतर होता है तो देश की जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता। आज हर नागरिक जागरूक है और नेताओं के आचरण पर नजर रख रहा है। विपक्ष सदन की कार्यवाही में भाग लेने के बजाय हर दिन मकर द्वार पर आधा से एक घंटा बिताता है। सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। हाल ही में जिस बिल पर बहस हुई थी, उस पर स्पीकर ने छात्रों के हित को देखते हुए विपक्ष को उनकी मांग से ज्यादा समय दिया था और इसके बाद बिल पास हो गया था।"
इस बीच टीडीपी सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेती ने एफसीआरए बिल के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "यह बिल बहुत जरूरी है। देश में बाहर से जो पैसा आता है, उसका हिसाब होना चाहिए। पैसा किस मकसद से लाया गया और किस काम में खर्च किया जा रहा है, यह सुनिश्चित करना जरूरी है। कानून का मकसद है कि राशि का गलत इस्तेमाल न हो और उसका उपयोग उसी उद्देश्य के लिए हो, जिसके लिए भेजा गया है।"
वहीं, सीपीआई सांसद पी. संतोष कुमार ने बताया, "आज सदन में एक अहम घटनाक्रम हुआ। चेयरमैन ने किरेन रिजिजू को निर्देश दिया कि वे बताएं कि गृह मंत्री सदन में क्यों नहीं आए हैं और उनसे कहा कि वे विपक्ष की चिंताओं और मांगों पर गृह मंत्री से चर्चा करें। हमें उम्मीद है कि रिजिजू इस मामले को उठाएंगे और जवाब लेकर लौटेंगे। चेयरमैन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। अब यह सिर्फ विपक्ष का सवाल नहीं रह गया है। यह चेयरमैन का भी सवाल बन गया है। हम इसे एक छोटी जीत मानते हैं और सकारात्मक नतीजे की उम्मीद करते हैं।"
बता दें कि संसद के दोनों सदनों में पिछले कई दिनों से विपक्षी दल विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा कर रहे हैं। इसके चलते कई जरूरी विधेयकों पर चर्चा नहीं हो पा रही है। सत्ता पक्ष का आरोप है कि विपक्ष मुद्दों पर बहस से बच रहा है और सदन को जानबूझकर ठप कर रहा है। वहीं, विपक्ष का कहना है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से भाग रही है।
--आईएएनएस
एससीएच/एबीएम