परीक्षा प्रक्रिया पर सीएम योगी का सख्त निर्देश, 'किसी भी व्यक्ति, जाति और पंथ पर अमर्यादित टिप्पणी नहीं होगी स्वीकार्य'
लखनऊ, 15 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे राज्य में सभी भर्ती बोर्ड के चेयरपर्सन्स के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने भर्ती बोर्डों से परीक्षा प्रक्रियाओं में गरिमा और संवेदनशीलता सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही, जिलाधिकारियों को राज्य के पश्चिमी हिस्सों में हाल ही में हुई बारिश के असर की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया है।
अलग-अलग भर्ती बोर्ड और आयोगों के अध्यक्षों के साथ एक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ अथवा संप्रदाय की आस्था और गरिमा के संबंध में किसी भी प्रकार की अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होगी। इसके दृष्टिगत सभी पेपर सेटर्स को भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं और ऐसे आदतन अपराधियों को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रश्न पत्र तैयार करने वालों को परीक्षा के प्रश्न बनाते समय पूरी सावधानी और जिम्मेदारी बरतनी चाहिए, जिससे परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता, संवेदनशीलता और गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे। सीएम आदित्यनाथ ने भर्ती अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी प्रश्न पत्र तैयार करने वालों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करें, जिसमें अनुचित या आपत्तिजनक सामग्री से बचना अनिवार्य हो।
उन्होंने आगे चेतावनी दी कि जो लोग बार-बार ऐसी गलतियां करते हैं, उन्हें परीक्षा के प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल होने से तुरंत रोक दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि भर्ती प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, प्रश्न पत्र तैयार करने वाली एजेंसियों और विशेषज्ञों के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) में इस प्रावधान को औपचारिक रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
इस बीच, मुख्यमंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हो रही वर्षा के दृष्टिगत अधिकारियों को सतर्क और सक्रिय रहते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को फील्ड में जाकर फसलों को हुई क्षति का तत्काल आकलन कराने, संबंधित अधिकारियों के समन्वय से रिपोर्ट प्राप्त करने और प्रभावित किसानों को समयबद्ध रूप से राहत व मुआवजे के वितरण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की सुरक्षा और त्वरित राहत उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
--आईएएनएस
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