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पारादीप बंदरगाह को ‘मेगा पोर्ट’ का दर्जा मिलना ओडिशा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि: मोहन चरण माझी

 

भुवनेश्वर, 26 सितंबर (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पारादीप बंदरगाह को भारतीय पत्तन अधिनियम, 2025 के तहत ‘मेगा पोर्ट’ का दर्जा दिए जाने को राज्य की बढ़ती समुद्री क्षमता की महत्वपूर्ण पहचान बताया है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि इस दर्जे के साथ पारादीप भारत के पूर्वी तट का एकमात्र ‘मेगा पोर्ट’ बन गया है। यह व्यापार, उद्योग और कनेक्टिविटी के लिए एक प्रमुख द्वार के रूप में इसकी रणनीतिक महत्ता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि यह मान्यता पारादीप बंदरगाह की बढ़ती क्षमता, मजबूत बुनियादी ढांचे और परिचालन क्षमता को दर्शाती है। इससे ओडिशा में निवेश आकर्षित करने, लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने और लोगों के लिए नए अवसर पैदा करने की संभावनाएं और बढ़ेंगी।

माझी ने कहा कि ओडिशा जैसे-जैसे व्यापार, उद्योग और समुद्री विकास का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, पारादीप बंदरगाह राज्य के आर्थिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और ‘विकसित भारत’ के विजन में योगदान देगा।

मुख्यमंत्री ने पारादीप बंदरगाह को यह महत्वपूर्ण मान्यता मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक ओडिया के लिए गर्व का क्षण है और ओडिशा की प्रगति की यात्रा में एक नया मील का पत्थर है।

इससे एक दिन पहले, पारादीप पोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष सुसांता कुमार पुरोहित ने भारत के समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में समर्थन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर के प्रति आभार व्यक्त किया।

पुरोहित ने कहा कि "मेगा पोर्ट" का दर्जा पारादीप पोर्ट की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और यह बुनियादी ढांचे के विकास, परिचालन दक्षता और समुद्री व्यापार को समर्थन देने में इसकी भूमिका को और बढ़ाएगा।

--आईएएनएस

डीएससी