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भारत के लोकतंत्र का मुरीद हुआ पाकिस्तानी मौलाना! वजह जानकर चौंक जाएंगे आप, वायरल वीडियो में जमकर की तारीफ़ 

 

पाकिस्तानी मौलवी मौलाना मुहम्मद अली मिर्ज़ा आजकल पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं। लेकिन इस बार, मुहम्मद अली मिर्ज़ा ने पाकिस्तान पर तंज कसते हुए जो कहा, वह हर भारतीय को सुनना चाहिए। मौलाना मुहम्मद अली मिर्ज़ा ने भारत के लोकतंत्र की तारीफ की और भारत की खूब प्रशंसा की। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह पाकिस्तान में कानून के गलत इस्तेमाल की आलोचना कर रहे हैं और भारत में हुई एक बहस का जिक्र करते हुए भारत के लोकतंत्र की तारीफ कर रहे हैं।

पाकिस्तानी मौलवी ने भारत की तारीफ की
दरअसल, मौलाना मुहम्मद अली मिर्ज़ा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने भारत में अभिव्यक्ति की आज़ादी की तारीफ की और कहा कि भारत में स्वस्थ बहस होती है। उन्होंने हाल ही में कॉन्स्टिट्यूशन हॉल में हुई "क्या भगवान मौजूद हैं" बहस का हवाला दिया और कहा कि ऐसी बहस सिर्फ़ भारत में ही हो सकती है। अगर यह बहस पाकिस्तान में हुई होती, तो उन दोनों, यानी मुफ्ती शुमैल नदवी और जावेद अख्तर, पर धारा 295 A के तहत मामला दर्ज किया जाता। मौलाना ने आगे कहा कि जावेद अख्तर पर ईशनिंदा का और मुफ्ती पर हाथ चूमने का आरोप लगाया जाता। लेकिन यह इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान नहीं है; यह सिर्फ़ भारत ही कर सकता है, कि ऐसी बहस हो सके।

धारा 295-A क्या है? यह हमेशा से विवादों में रही है।
धारा 295-A जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए गए कामों से संबंधित है, जिसमें उनके धर्म या धार्मिक मान्यताओं का अपमान करना शामिल है। धारा 295-B: पवित्र कुरान का अपमान करना, भगवान का मज़ाक उड़ाना या अपमान करना, इसके लिए 10 साल तक की जेल का प्रावधान है। धारा 295-A और 295-C पाकिस्तान में काफी विवादित रही हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
यह वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट muslimvibes2812 से शेयर किया गया था और अब तक लाखों लोग इसे देख चुके हैं, और कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है। सोशल मीडिया यूज़र्स वीडियो पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूज़र ने लिखा...इस बहस में कुछ भी गलत नहीं था। एक और यूज़र ने लिखा...भारतीय लोकतंत्र बिल्कुल अलग चीज़ है। और एक और यूज़र ने लिखा...मौलाना साहब, आपको भी अपने देश में ऐसी बहस करवानी चाहिए।