पाकिस्तान ने X पर शेयर की SCO समिट की एडिटेड फोटो, PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति को तस्वीर से हटाया
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के दौरान पाकिस्तान की ओर से शेयर की गई एक तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई ग्रुप फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन नजर नहीं आ रहे हैं। दावा है कि मूल तस्वीर में दोनों नेता मौजूद थे, लेकिन पाकिस्तान की ओर से साझा की गई तस्वीर में उन्हें एडिट करके हटा दिया गया।
मूल तस्वीर में मौजूद थे मोदी और पेजेशकियन
SCO सम्मेलन के दौरान बिश्केक में सदस्य देशों के नेताओं की ग्रुप फोटो ली गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस तस्वीर का हिस्सा थे। इसके अलावा मोदी ने सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात भी की थी। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय हालात और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
ऐसे में पाकिस्तान की ओर से साझा की गई तस्वीर में दोनों नेताओं के नजर नहीं आने पर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे।
तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा
तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की इस पोस्ट को लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने दावा किया कि फोटो को जानबूझकर एडिट किया गया है। इस घटना को भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव और दोनों देशों के राजनीतिक संबंधों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
हालांकि, अभी तक भारत या ईरान की ओर से इस कथित एडिटेड तस्वीर को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
SCO समिट में कई बड़े नेताओं की मौजूदगी
बिश्केक में आयोजित SCO सम्मेलन में भारत, रूस, चीन, ईरान, पाकिस्तान समेत संगठन के कई सदस्य देशों के नेता शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई नेताओं से मुलाकात की।
पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन की मुलाकात में क्षेत्रीय स्थिति के साथ-साथ ऊर्जा और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। भारत ने क्षेत्रीय विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने की अपनी स्थिति दोहराई।
पाकिस्तान की ओर से साझा की गई ग्रुप फोटो में कथित बदलाव ने अब SCO जैसे बहुपक्षीय मंच पर देशों के बीच राजनीतिक मतभेदों और सोशल मीडिया पर आधिकारिक तस्वीरों के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है।