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पाकिस्तान में जैश से जुड़ा वासेपुर का गैंगस्टर प्रिंस खान, अब आतंकी घोषित करने की तैयारी, गैंग के गुर्गे मेजर ने उगले कई राज

 

धनबाद, 6 मई (आईएएनएस)। धनबाद के वासेपुर निवासी कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के गैंग के खिलाफ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली। पिछले महीने कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किए गए गैंग के सदस्य सैयद अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर से धनबाद पुलिस ने रिमांड के दौरान लंबी पूछताछ की है, जिसमें गैंग के आपराधिक नेटवर्क, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और फंडिंग के तौर-तरीकों को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं।

धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से जिले में रंगदारी, गोलीबारी और बमबाजी की घटनाओं में सक्रिय था। पूछताछ में उसने करीब तीन दर्जन आपराधिक मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि पुलिस के दबाव में प्रिंस खान दुबई से भागकर पाकिस्तान में शरण लिए हुए है और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ चुका है। हालांकि, पुलिस इन अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों की स्वतंत्र रूप से भी जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, मेजर गैंग के तकनीकी और वित्तीय संचालन का जिम्मा संभालता था। वह वर्चुअल नंबर उपलब्ध कराने, धमकी भरे कॉल करने और रंगदारी की रकम को हवाला, बैंक ट्रांसफर तथा बिटकॉइन के जरिए गैंग सरगना प्रिंस खान तक पहुंचाने का काम करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि रंगदारी के पैसे के लेनदेन के लिए 100 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।

मेजर ने कई चर्चित आपराधिक मामलों में गैंग की भूमिका का भी खुलासा किया है, जिनमें रंजीत सिंह हत्याकांड, नन्हें खान की हत्या, उपेंद्र सिंह हत्याकांड और व्यवसायियों पर गोलीबारी व बमबाजी की घटनाएं शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2023 में रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह की हत्या एक साजिश के तहत कराई गई थी, जिसमें गैंग की भूमिका सामने आई है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि गैंग द्वारा दहशत फैलाने के लिए कुछ मीडिया से जुड़े लोगों का इस्तेमाल किया गया, जबकि कुछ सफेदपोश और राजनीतिक संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि अभी भी जिले के कुछ व्यवसायियों द्वारा गैंग को पैसे भेजे जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रिंस खान को आर्थिक मदद पहुंचाना गंभीर अपराध है और इसे आतंकवाद को फंडिंग करने के रूप में देखा जाएगा। फिलहाल, पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी