पाकिस्तान: बलूचिस्तान में 20 पुलिस प्रशिक्षुओं को अज्ञात बंदूकधारियों ने किया अगवा
क्वेटा, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के अशांत प्रांतों में से एक बलूचिस्तान में शनिवार को अज्ञात हथियारबंद लोगों ने 20 पुलिस रंगरूटों को अगवा कर लिया। स्थानीय मीडिया ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से इसकी जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि मस्तुंग जिले में क्वेटा-कराची राजमार्ग पर एक यात्री वैन से ये 20 पुलिस रंगरूट जा रहे थे तभी अज्ञात सशस्त्र समूह ने अगवा कर लिया। ये रंगरूट कलात पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में ट्रेनिंग ले रहे थे।
बलूचिस्तान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर दैनिक 'डॉन' को इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये रंगरूट सप्ताहांत (वीकेंड) पर अपने घर जा रहे थे, तभी बंदूकधारी समूह ने बीच रास्ते इस वारदात को अंजाम दिया।
अधिकारी ने कहा, "हां, 20 पुलिसकर्मी, जो सप्ताहांत पर घर जा रहे थे, उन्हें मस्तुंग में क्वेटा-कराची राजमार्ग पर एक यात्री वैन से हथियारबंद अपने साथ ले गए।"
उन्होंने बताया कि ये सभी मोटरसाइकिल पर सवार थे और स्वचालित हथियारों से लैस थे। इस गैंग ने वैन को रोका और रंगरूटों को वैन समेत किसी अज्ञात जगह पर ले गए। हालांकि, बंदूकधारियों ने वैन ड्राइवर और तीन अन्य यात्रियों को छोड़ दिया।
मस्तुंग में पुलिस अधिकारियों ने भी इस अपहरण की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि ये रंगरूट 'लेवीज फोर्स' से जुड़े थे, जिसे अब पुलिस में मिला दिया गया है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, अगवा किए गए ये जवान रखशान डिवीजन के रहने वाले थे। सुरक्षा बलों ने अगवा किए गए रंगरूटों का पता लगाने के लिए आस-पास के पहाड़ी इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। फिलहाल, किसी भी समूह ने इस अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली है।
इससे एक दिन पहले, बलूचिस्तान के खारन जिले में रखशान डिवीजन के कमिश्नर असद उल्लाह काकर को अगवा कर लिया गया था।
पाकिस्तान के इस अशांत प्रांत में अपने हक की मांग करते हुए लोग वर्षों से सड़कों पर हैं। पाकिस्तानी सैन्य बलों की ज्यादती और जरूरी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखे जाने का विरोध करते आए हैं। यही वजह है कि आए दिन पाक सैन्य बलों के साथ इनकी भिड़ंत होती रहती है।
अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को अगवा करने का सिलसिला भी बहुत दिनों से जारी है। हाल ही में खारन के डिप्टी कमिश्नर मुनीर अहमद सूमरो को पकड़ कर ले गए थे। उन्हें लगभग दो हफ्तों बाद 3 अक्टूबर को सुरक्षित रिहा कर दिया गया। कथित तौर पर स्थानीय कबीलाई बुजुर्गों और उन हथियारबंद लोगों के बीच बातचीत के बाद उन्हें छोड़ा गया, जिन्होंने पिछले महीने उन्हें नोशकी-खारन राजमार्ग से अगवा किया था।
वहीं, 21 जुलाई 2026 को, बलूचिस्तान के चगाई जिले में एक चेकपोस्ट पर हमले के बाद आबकारी विभाग (एक्साइज) के तीन अधिकारियों को अगवा कर लिया गया था।
--आईएएनएस
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