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पहलगाम हमले की बरसी पर बोलीं पंकजा मुंडे, इस पीड़ा को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं

 

मुंबई, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्‍मू-कश्‍मीर में पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर बुधवार को देशभर में शोक और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पंकजा मुंडे ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह दिन पीड़ादायक यादों से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि जो लोग अपने ही देश में परिवार के साथ खुशियां मनाने गए थे, उन्हें बिना किसी कसूर के गोलियों का निशाना बनाया गया और परिजनों के के सामने ही उनकी हत्या कर दी गई। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह एक अमानवीय कृत्य था और इसको लेकर उनके मन में इतना गुस्सा है कि उसे पूरी तरह शब्दों में व्यक्त करना भी संभव नहीं है।

भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने भी पहलगाम हमले की बरसी पर गहरा शोक जताया और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता की भूमिका को गलत तरीके से समझ रहे हैं और देश के खिलाफ बयानबाजी करते हैं।

शाहनवाज ने कहा कि राहुल गांधी की आदत रही है सेना के शौर्य पर सवाल उठाना, चाहे वह सर्जिकल स्ट्राइक हो या एयर स्ट्राइक। उनके अनुसार, इस तरह के बयान भारतीय सेना का मनोबल गिराने वाले होते हैं और ऐसे समय में जब देश को एकजुटता की जरूरत है, इस तरह की राजनीति ठीक नहीं है।

दूसरी ओर, कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने भी पहलगाम हमले की पहली बरसी पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्‍होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि इस घटना को एक साल बीत चुका है, लेकिन यह जरूरी है कि सरकार बताए कि इस दौरान आतंकवाद के खिलाफ क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं देश के लिए एक बड़ी चुनौती हैं, जहां आतंकवादी निर्दोष लोगों को निशाना बनाते हैं और बिना किसी वजह के उनकी जान ले लेते हैं। दलवई ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और इसका पूरी तरह से खात्मा होना चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि आतंकवादियों को भी वैसी ही कड़ी सजा मिलनी चाहिए जैसी वे निर्दोष लोगों को देते हैं।

उन्होंने इस दौरान हमले में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। इस बरसी ने एक बार फिर देश को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की जरूरत की याद दिलाई है। साथ ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी