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पद्मश्री पाकर मेरा जिंदगी भर का सपना सच हो गया: मीर हाजीभाई कासमभाई

 

जूनागढ़, 25 जनवरी (आईएएनएस)। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई है। कला, समाजसेवा, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को इस वर्ष सम्मानित किया गया है। इस सूची में गुजरात के जूनागढ़ के मशहूर ढोलक वादक मीर हाजीभाई कासमभाई का नाम भी शामिल है।

मीर हाजीभाई कासमभाई को कला के क्षेत्र में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। पिछले छह दशकों से ढोलक की थाप पर न केवल पूरे देश बल्कि दुनिया भर को झूमाने वाले मीर हाजीभाई कासमभाई ने भारतीय लोकसंगीत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई है। उन्होंने देश-विदेश के अनेक मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर गुजरात और भारत की सांस्कृतिक विरासत को उजागर किया है।

80 वर्ष की उम्र में पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित सम्मान की घोषणा होने पर वे भावुक हो गए।

उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में इस पुरस्कार को अपने गुरुओं और जूनागढ़ की धरती को समर्पित किया। आज भारत सरकार की ओर से पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा हुई है। मैं बहुत खुश हूं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का तहे-दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं। जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब से उन्होंने मेरी कला को सराहा और प्रोत्साहित किया है। जूनागढ़ के लिए यह पल गर्व और सम्मान से भरा हुआ है।

मीर हाजीभाई कासमभाई के परिवार में पद्मश्री पुरस्कार को लेकर खुशी का माहौल है। परिवार में रिश्तेदारों की ओर से बधाई संदेश लगातार आ रहे हैं।

बताते चले कि पद्म पुरस्कार - देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक, तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं, जैसे, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री। ये पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों / गतिविधियों के क्षेत्रों में दिए जाते हैं, जैसे- कला, समाज सेवा, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा, आदि। 'पद्म विभूषण' असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है; 'पद्म भूषण' उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए और 'पद्म श्री' किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी