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पद्मश्री से सम्मानित महिलाओं ने महिला आरक्षण बिल पर प्रधानमंत्री मोदी का जताया आभार

 

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध व्यवसायी और उद्यमी कल्पना सरोज ने महिला आरक्षण बिल का स्वागत करते हुए कहा कि यह सरकार का बहुत बड़ा और दूरदर्शी फैसला है। अब महिलाओं को शासन और प्रशासन में सार्थक भागीदारी का अधिकार मिलेगा।

कल्पना सरोज ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि जब महिलाएं राजनीति में आगे आएंगी तो संसद और विधानसभाओं में उनकी संख्या बढ़ेगी। विभिन्न संगठनों में महिला प्रतिनिधित्व भी मजबूत होगा। हमारी महिलाएं पहले से ही कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। मुझे विश्वास है कि उचित सहयोग मिलने पर वे और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगी।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है और हम इसका स्वागत करते हैं। यह वास्तव में एक अहम कदम है। डॉ. बीआर अंबेडकर ने महिलाओं के उत्थान के लिए बहुत काम किया था और उन्हीं के प्रयासों की बदौलत आज हम इस मुकाम पर पहुंचे हैं। हमारे देश की राष्ट्रपति भी एक महिला हैं।

पद्मश्री से सम्मानित लोक कलाकार गुलाबो सपेरा ने कहा कि जब मेरा जन्म हुआ था तो जन्म के कुछ ही घंटों के भीतर मुझे छोड़ दिया गया था। यह उस दौर और उस मानसिकता का आईना था जो उस समय समाज में हावी थी। आज वह मानसिकता बदल रही है। देश की आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाया गया एक सराहनीय कदम है। वर्ष 2014 से उन्होंने लगातार महिलाओं के सशक्तिकरण और प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया है। महिलाओं के लिए यह आरक्षण बेहद जरूरी था।

पूर्व स्क्वैश खिलाड़ी सुरभि मिश्रा ने महिला आरक्षण बिल पर कहा कि यह बिल नीति-निर्माण में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिलाएगा। इससे उन मुद्दों को सुलझाने में मदद मिलेगी जिन पर अब तक पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। इससे आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। यह सिर्फ एक अवसर नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।

पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री दर्शना जरदोष ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माध्यम से हमारी महिलाओं के अधिकार पूरे होंगे। हम देश की आधी आबादी को बधाई देते हैं और उन्हें नमन करते हैं। जब यह बिल पेश किया गया था तब मैं भी वहां मौजूद थी। देश की आधी आबादी महिलाओं की है। विकास के साथ-साथ महिलाएं अब हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रही हैं- कला, नृत्य, अभिनय से लेकर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और कौशल विकास तक। यह हम सभी के लिए खुशी और गर्व की बात है।

--आईएएनएस

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