बिहार: पद से पहचान मिलती है और आपके पुरुषार्थ से पद दिखता है: नितिन नवीन
पटना, 9 फरवरी (आईएएनएस)। भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद सोमवार को नितिन नवीन पहली बार अपने गृह शहर पटना पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। उनके सम्मान और स्वागत के लिए बिहार भाजपा द्वारा पटना के बापू सभागार में अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया।
नितिन नवीन ने इस समारोह को संबोधित किया और पीएम नरेंद्र मोदी को विश्व का नेतृत्वकर्ता बताते हुए कहा कि उन्होंने और भाजपा ने उन पर जो भरोसा जताया है, उस भरोसे को वे आगे ले जाने का काम करेंगे। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूरे केंद्रीय नेतृत्व को विश्वास दिलाते हुए उन्होंने कहा कि बिहार के कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने जो पारी की शुरुआत की थी, आज इस पद पर आने के बाद भी उसी भाव से काम करूंगा, जिस भाव से उन लोगों ने मुझे वहां बैठाया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि राजनीति में पद से भी पहचान मिलती है और आपके पुरुषार्थ से भी पद दिखता है। उन्होंने कहा कि जिस भी प्रदेश में गया, वहां के कार्यकर्ताओं की भावना को देखकर संकल्प मजबूत हुआ है कि भाजपा को अभी और आगे बढ़ना है और उसका स्वर्णिम युग 2047 के विकसित भारत के सपने को साकार करने से आएगा।
उन्होंने कहा कि राजनीति शॉर्टकट नहीं, लॉन्ग रन है। उन्होंने युवा साथियों का आह्वान करते हुए कहा कि राजनीति में लाखों युवाओं की भागीदारी का पीएम मोदी ने जो सपना देखा है, उसे हम सभी को पूरा करना है। हर जिले, प्रदेश में भाजपा का एक नेतृत्व खड़ा करना है, तो हम सभी को अपने कालखंड का पुरुषार्थ करना पड़ेगा।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हमारे पूर्व के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जो संघर्ष किया, उसी का परिणाम आज यह वटवृक्ष है। उन्होंने जंगलराज की चर्चा करते हुए कहा कि हमारे कार्यकर्ता पर्ची बांटने में भी डरते थे, लेकिन बिहार के नेताओं और कार्यकर्ताओं का संघर्ष था कि उस दौर को समाप्त किया। उन्होंने कहा, "आज की पीढ़ी को समझना होगा कि यह जो सत्ता आई है, वह चंद दिनों के संघर्ष की नहीं है। कितने कार्यकर्ताओं ने अपना घर छोड़कर अपने जीवन को खपाया है। अपनी कुर्बानियां दी हैं। पश्चिम बंगाल, केरल गया तो वहां के कार्यकर्ता बिना इस बात को सोचे कि सत्ता कब मिलेगी, अपनी कुर्बानी देते रहे हैं, संघर्ष कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि जो संस्था या पार्टी अपना इतिहास याद नहीं रखती, उस संस्था और पार्टी का भविष्य सुनहरा नहीं हो सकता। इस कारण अपना इतिहास याद रखना चाहिए। इतिहास ही हमारे मजबूत भविष्य की नींव रखता है। उन्होंने कहा कि बिहार का इतिहास स्वर्णिम रहा है, लेकिन हमें बिहार के भविष्य को भी स्वर्णिम बनाना है, इसलिए हमें उम्मीद है कि भारत के विकसित होने के साथ वर्तमान बिहार की एनडीए सरकार बिहार को विकसित बनाने के सपने को भी पूरा करेगी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि हमें राजनीति करने से पहले सामाजिक बनने की जरूरत है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जो पार्टियां स्वयं से शुरू होकर स्वयं पर ही खत्म होने वाली हैं, उनसे देश और बिहार का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता है।
--आईएएनएस
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